समस्तीपुर के नये डीएम साहब की शालीनता सोशल मीडिया पर छा गई, हर तरफ उनके ही चर्चे

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बिहार के समस्तीपुर जिले के नये DM योगेंद्र सिंह की सादगी नालंदा से उनके स्थानांतरण के बाद दिखी. इसके चर्चे इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. बिना ताम-झाम के योगेंद्र सिंह जिले को अलविदा कह गए. डीएम ने फेयरवेल पार्टी को भी शालीनता से मना कर दिया. हाथ में ट्राली बैग व बाडीगार्ड को नए डीएम के साथ रहने की नसीहत देकर स्टेशन रवाना हो गए.

टिकट काउन्टर पर आम पब्लिक की तरह लाइन में लगकर ट्रेन का टिकट लिये. श्रमजीवी में बैठकर पटना के लिए रवाना हो गए. स्थानांतरण के बाद जिस तरह से योगेंद्र सिंह नालंदा से रवाना हुए, शायद ही ऐसा किसी डीएम के कार्यकाल में देखने को मिला हो. यह दिन भर नालंदा और बिहार भर के इन्टरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही.

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योगेंद्र सिंह 2012 बैच के आइएएस हैं

योगेंद्र सिंह 2012 बैच के IAS अधिकारी हैं. सबसे पहले पटना सिटी के एसडीओ बने थे. बेतिया के उप विकास आयुक्त व शेखपुरा के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं. उत्तर प्रदेश के उन्नांव जिले के हरिपुर के रहने वाले योगेंद्र सिंह की पहचान जिले में तेजतर्रार व विकास के लिए अग्रसर रहने वाले अधिकारी के रूप में रही. लगभग 35 महीने तक नालंदा के DM के रूप में रहे.

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Samastipur DM

सैकड़ों लोग यह देखकर स्तब्ध थे कि स्थानांतरण के बाद किस सादगी के साथ योगेंद्र सिंह ने जिला को अलविदा कहा।

बता दें कि योगेंद्र सिंह 2012 बैच के आईएएस अधिकारी है। सबसे पहले पटना सिटी के एसडीओ, बेतिया के उप विकास आयुक्त और शेखपुरा के जिलाधिकारी रह चुके है। उत्तर प्रदेश के उन्नांव जिले के हरिपुर के रहने वाले योगेंद्र सिंह की पहचान जिले में एक तेजतर्रार व विकास के लिए हमेशा अग्रसर रहने वाले अधिकारी के रूप में रही। ज़ू सफारी के फाइनल टच देने तक मे इनका अहम योगदान रहा। वे लगभग 35 महीने तक नालंदा के डीएम के रूप में रहे।

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