समस्तीपुर-पछुआ हवा ने बढ़ायी कनकनी, आमजन परेशान

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समस्तीपुर। पछिया हवा ने वातावरण में कनकनी इस तरह बढ़ा दी है कि लोगों का जनजीवन प्रभावित होने लगा है। अचानक वातावरण में ठंड बढ़ने पर शहर में लगभग सभी लोग गर्म कपड़ों में लिपट गये हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में सुबह सुबह कुहासे व ठंड के बीच ही किसानों को पटवन, बोआई आदि काम के लिए निकलने की मजबूरी है। वहीं दैनिक मजदूरी करने के लिए शहर में आने वाले लोगों को भी ठिठु़रने को विवश होना पड़ता है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर ठंड से लोगों को राहत देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है।

गृहविहीन लोगों के रैन बसेरा में बिछावन की तो व्यवस्था तो है, लेकिन जानकारी के अभाव में वहां जाने वालों की कमी है। अभी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ठंड के कहर का अधिक सामना करना पड़ रहा है। मोहनपुर में इन दिनों राई की फसल की सिंचाई करने व गेहूं की फसल का बोआई का काम चल रहा है। ठंड के कारण सिंचाई-कार्य में किसानों को कठिनाई हो रही है। दस बजे के पूर्व घर से निकलना मुश्किल है। वहीं शाम चार- बजते-बजते ठंड बढ़ जाती है। इसलिए लाचार होकर सभी घर वापस लौट आतेक हैं। ताजपुर में जाड़े की कड़कड़ाती ठंड के बावजूद किसानों की रूटीन में कोई बदलाव नहीं आया है। सुबह घने कुहासे के बीच खेतों में जाकर सब्जियों की तैयार फसल काटकर घर लाना और फिर उसे मंडी तक पहुंचाने में किसान जुटे रहते हैं। वारिसनगर में किसानों व खेत मे काम करने वाले मजदूरों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खेत मे पम्पिंग सेट से पटवन कराने में अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं मोहिउद्दीननगर में ठंड के कारण कृषि-कार्य प्रभावित हो रहा है। मुख्य रूप से गेहूं व राई की फसल में प्रथम पानी देना अनिवार्य है। निचले इलाके में गेहूं बुआई का महत्वपूर्ण समय है। ऐसी स्थिति में उक्त सभी कार्य सुबह से ही आरम्भ होता है। पटवन के लिए किसान को खेत मे लगी पानी मे खड़ा होकर या फिर खुली हवा में किसान खेतो में खड़े रहते हैं। सरायरंजन प्रखंड मे ठंड से आलू, तम्बाकू, तोरी की कमौनी करने में किसानों को भारी परेशानी हो रही है।

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