एयर होस्टेस की तरह अब ट्रेनों में होंगी ‘ट्रेन होस्टस’, इन रेलगाड़ियो में मिलेगी हवाई जहाज जैसी सुविधा

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फ्लाइट में ए़यर होस्टेस की तरह अब जल्द ही ट्रेनों में ‘ट्रेन होस्टेस देखने को मिलेंगी। इंडियन रेलवे अपनी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रियों की आवाभगत के लिए ‘ट्रेन होस्टेस’ और ‘अटेंडेंट’ को तैनात करने की तैयारी कर रहा है। एयर होस्टेस की तरह ये ट्रेन होस्टेस और अटेंडेंट भी यात्रियों को उनकी सीट पर बैठाने, खाना परासने, उनकी यात्रा से जुड़ी शिकायतों को दूर करने और उनकी सुरक्षा का ख्याल रखने को काम करेंगी। रेलवे को इससे ट्रेनों की सर्विस में सुधार होने और इनकी लोकप्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

लाइव मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले कम से मध्यम दूरी तक चलने वाली प्रीमियम ट्रेनों में इन ट्रेन होस्टेस को तैनात किया जाएगा। रेलवे के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि रेल यात्रा को आधुनिक बनाने और सफर के दौरान यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए रेलवे तमाम नई कोशिशें कर रहा है। ये कदम भी उसी कोशिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि यह उम्मीद की जाती है बेहतर सर्विस और कस्टमर संतुष्टि से टिकटों की बिक्री बढ़ेगी और इससे रेलवे की आमदनी बढ़ेगी।

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ट्रेन होस्टेस को सबसे पहले वंदे भारत, गतिमान, शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में तैनात किया जाएगा। राजधानी एक्सप्रेस और दूरंतो एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों में अभी कोई ट्रेन होस्टेस या अटेंडेंट नहीं तैनात होंगे। रेलवे ने यह भी बताया कि इन ट्रेन होस्टस की ड्यूटी सिर्फ दिन के समय में होंगी और रात में ये उपलब्ध नहीं होंगी। रात में चलने वाली ट्रेनों में पहले जैसी व्‍यवस्‍था ही रहेगी।

मौजूदा समय में 12 शताब्‍दी, एक गतिमान,दो वंदेभारत, एक तेजस एक्‍सप्रेस चल रही है। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेन होस्टेस और अटेंडेंट में सभी सदस्य सिर्फ महिलाएं नहीं होंगी बल्कि कुछ पुरुषों को भी हायर किए जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों के पास हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में अनुभव है, उन्हें ही हायर किया जाएगा।

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आईआरसीटीसी के अनुसार यह बदलाव सफर के दौरान अच्‍छी सुविधा देने के लिए किया जा रहा है। पुरुषों की तुलना फीमेल क्रू सर्विस बेहतर ढंग से उपलब्‍ध कराती है। फ्लाइट इसका अच्‍छा उदाहरण हैं। इसके अलावा वूमेन क्रू बातचीत में सहज होती हैं, या‍त्री भी ट्रेन होस्‍टेज से शिकायत कम करते हैं। आईआरसीटीसी के अनुसार बदलाव का सबसे बड़ा कारण महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। अन्‍य क्षेत्रों की तरह महिलाएं इस क्षेत्र में भी आगे आएंगी।

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