समस्तीपुर-थाने से बैंक तक में लगी है ड्यूटी, कैसे देंगे शराब की सूचना

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समस्तीपुर । चौकीदार-दफादार पंचायत जिला इकाई सदस्यों की बैठक पटेल मैदान में रविवार को हुई। इसमें चौकीदार व दफादार की समस्याओं पर विमर्श किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के राज्य सचिव संत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार चौकीदार-दफादारों को गुलाम बनाने की साजिश कर रही है। बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली 2019 बनाकर तथा शराबबंदी में विशेष दायित्व देकर चौकीदार व दफादार को चौतरफा घेर चुकी है। उनकी जिदगी को खतरे में डाल दिया है। शराब माफिया निहत्थे चौकीदार व दफादार को टार्गेट करते हैं। कई हत्याएं भी हो चुकी है। सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।

जबकि शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए बड़ी जिम्मेदारी दी गई। यह सोची समझी साजिश है। थानों में चौकीदार व दफादार के पद को समाप्त करने का षडयंत्र है। जिले में शराबबंदी कानून के तहत 12 चौकीदारों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि वे सभी अपनी डयुटी पर मौजूद थे और थाना में नियमित क्षेत्र की सूचना दे रहे थे। लेकिन सक्षम पदाधिकारियों के द्वारा इसपर अमल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का आदेश है कि चौकीदार दफादार से डाक डयूटी, बैंक डयूटी, स्कॉट डयुटी नहीं ली जाएगी। बावजूद इसके पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी डयूटी लगाई जाती है। एसपी कार्यालय में चौकीदारों की डयूटी लगती है। ऐसे में वह क्षेत्र की सूचना कैसे देंगे। सरकार से 12 चौकीदारों का निलंबन वापस लेने, पिछले 21 वर्षों से कार्य कर रहे चौकीदारों को प्रोन्नति का लाभ देने, सेवानिवृत चौकीदार-दफादार के आश्रितों को बहाल करने, पंचायत चुनाव की डयुटी में लगे चौकीदारों को चुनाव भत्ता के भुगतान करने की मांग की। कहा कि मांगों को लेकर 21 दिसंबर को पटना में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

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मौके पर तिरहुत प्रमंडल के अध्यक्ष महेश राय, विदेश्वर पासवान, चंदन ठाकुर, अरुण कुमार पासावान, ललित पासवान, विजय पासवान, कन्हाई कुमार झा, रामप्रवेश पासवान, नजीबुल रहमान, बैजू कुमार, सुरेन्द्र यादव, रामसागर पासवान, रणधीर कुमार, बाला पासवान, कृष्णादेव पासवान, हरेराम राय, चंद्रेशेखर, बसंत पासवान समेत दर्जनों चौकीदार-दफादार मौजूद रहे।

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