धान बेचने वाले किसानों के लिए दो अच्‍छी खबरें, बिहार सरकार ने किए ये बदलाव

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बिहार में निबंधित किसानों से अब 15 फरवरी तक धान की खरीद होगी। धान की कटाई कम होने के चलते सरकार ने इसकी खरीद की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है और इसके बारे में सभी 38 जिलों के आठ हजार क्रय केंद्रों को दिशा-निर्देश जारी किया गया है। इससे पहले धान खरीद की तिथि 31 जनवरी तक निर्धारित थी। प्रदेश के धान विक्रेता किसानों के लिए यह और अच्छी खबर है। सरकार के निर्देश पर सौ नये राइस मिलों में धान सुखाने के ड्रायर लगाये गए हैं। इससे धान बेचने में नमी अब बाधा नहीं बनेगी। जबकि पहले से 77 राइस मिलों में ड्रायर लगे हैं। इस प्रकार पौने दो सौ से ज्यादा ड्रायर लगे राइस मिलें काम करने लगी है।

सभी जिलों में धान खरीदारी की समीक्षा के आधार पर खाद्य सचिव विनय कुमार ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में धान खरीद आरंभ हो चुकी है और प्रत्येक जिले में धान खरीद की उच्च-स्तरीय समीक्षा जिलाधिकारी के स्तर पर कराई जा रही है। शुक्रवार तक 12,114 किसानों से करीब 90 हजार टन धान की खरीद हुई है। क्रय केंद्रों पर धान खरीद की निगरानी कराई जा रही है। किसानों से धान खरीद की अंतिम तिथि 15 फरवरी की गई है और इस अवधि में उम्मीद है कि राज्य में 45 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त होगा। फिलहाल 6,637 पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में धान की खरीद हो रही है। अब तक कहीं से किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है।

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किसानों से कमीशन मांगने पर प्राथमिकी का आदेश

सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अगले साल 86 और राइस मिलों ड्रायर मशीनें लगायी जाएंगी। पैक्सों को यह आदेश दिया गया है कि धान में नमी की ज्यादा मात्रा बताकर किसानों को परेशान करने या ज्यादा कमीशन मांगने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। किसानों को धान बेचने के एवज में भुगतान राशि से कमीशन मांगने पर प्राथमिकी दर्ज होगी।

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बिना ड्रायर के नहीं खुलेंगे नये राइस मिल

सहकारिता विभाग ने तय किया है कि राज्य में अब बिना डायर लगाये किसी नये चावल मिल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पूर्व से संचालित 448 चावल मिलों में जहां ड्रायर नहीं लगे हैं उन मिलों में ड्रायर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

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