स्वच्छता सर्वेक्षण में समस्तीपुर नगर परिषद 13 वें पायदान पर, जोनल रैकिग में मिला 36 वां स्थान

Advertisement

समस्तीपुर । राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में नगर परिषद समस्तीपुर को जोनल रैंकिग में 36 और स्टेट रैंकिग 13 वां स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर परिषद को कुल 6000 स्कोर में 1545.49 अंक प्राप्त हुए हैं। पिछले वर्ष 2020 राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में यह इस्ट जोन की रैंकिग में 299 वें से 33 वां स्थान प्राप्त किया था। वहीं स्टेट रैंकिग में पांचवें पायदान पर था। इसके साथ ही कुल 6000 स्कोर में 1577.56 अंक प्राप्त हुए थे। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार निचले पायदान पर आ गया है। बहरहाल, राष्ट्रीय स्तर पर छवि सुधारने के लिए कमर कसकर तैयारी शुरु कर दी गई है। वर्ष 2022 स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नगर निगर की ओर से प्रचार- प्रसार किया जा रहा है। नागरिकों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करते हेतु ब्रांड एंबेसडर बनाए गए हैं। मास्टर ट्रेनर के द्वारा दैनिक सफाई कर्मियों को साफ- सफाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक वार्ड व सार्वजनिक स्थानों पर डंपिग प्वाइंट बनाए गए हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए हरा और नीला रंग के डस्टबीन लगाए गए हैं। नगर प्रबंधक राजेश कुमार झा ने बताया कि शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग अपेक्षित है।

साफ-सफाई में कोताही बरतने पर आटसोर्सिंग ऐजेंसी के भुगतान में 1.5 लाख की कटौती नगर निगम क्षेत्र में साफ सफाई का कार्य संचालित कर रहे आटसोर्सिंग ऐजेंसी को नगर निगम प्रशासन के द्वारा कार्य में कोताही बरतने पर 1 लाख 5 हजार रुपये भुगतान से कटौती की गई है। जिलाधिकारी सह नगर प्रशासक शशांक शुभंकर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। ज्ञातव्य हो कि नगर प्रशासक के द्वारा साफ- सफाई की देखरेख के लिए वार्ड जमादार को प्रतिनियुक्त किया गया है। साथ ही प्रतिदिन साफ- सफाई का प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश है।

Advertisement

अक्टूबर माह में कई वार्डों में साफ- सफाई का कार्य संतोषजनक नहीं रहा। समर्पित प्रतिवेदन के आलोक में लगभग 1.5 लाख रुपए की राशि की कटौती की गई है। आउटसोर्सिंग एजेंसी द्वारा सितंबर माह में नगर निगम समस्तीपुर को किराए के वाहन मद में 8 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। जिला पदाधिकारी सह प्रशासक द्वारा छठ पर्व के अवसर पर हुए विशेष कार्य के आलोक में खर्च की गई राशि के भुगतान से पहले जांच का आदेश दिया है। वरीय पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में विपत्र समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा विपत्रों की जांच कर प्रतिवेदन समर्पित किया जाएगा।

Advertisement

Advertisement