गांधी जयंती पर लेह में लहराया दुनिया का सबसे बड़ा हाथ से बना तिरंगा, 1400 किलो है वजन

लेह. महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर खास तोहफा हासिल करने वालों की सूची में लक्षद्वीप के बाद लेह का नाम भी शामिल हो गया है. यहां ‘खादी’ से बनकर तैयार हुए दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन किया गया. देशभर में शनिवार 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता की जयंती मनाई जा रही है. राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजघाट पहुंचकर बापू को श्रद्धांजलि दी. खादी को महात्मा गांधी का पर्याय भी माना जाता है.

लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर आरके माथुर ने शनिवार को केंद्रशासित प्रदेश में खादी से बने तिरंगे का आरोहन किया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह राष्ट्रीय ध्वज 225 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा है. कहा जा रहा है कि ध्वज 1000 किलो वजनी है. दो दिनों के लद्दाख दौरे पर पहुंचे सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उनके साथ कई बड़े सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे मौके को भारत के लिए गर्व का पल बताया. उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह भारत के लिए गर्व का क्षण है कि गांधी जी की जयंती पर दुनिया का सबसे बड़े खादी के तिरंगे का अनावरण लेह में हुआ. मैं इस भाव को सलाम करता हूं, जो बापू के पुण्य स्मरण करता है, भारतीय कारीगरों को बढ़ावा देता है और देश को सम्मानित भी करता है.’

लक्षद्वीप में मूर्ति का अनावरण

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को यहां महात्मा गांधी की पहली प्रतिमा का अनावरण करेंगे. खास बात यह है कि राष्ट्रपति की जयंती के मौके पर प्रशासन तीन दिन का उत्सव मना रहा है, जिसका समापन 2 अक्टूबर को होगा. प्रशासन की तरफ से बयान जारी किया गया, ‘भारत की आजादी के लिए जान कुर्बान करने वाले हमारे महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान की याद में यह लक्षद्वीप में अनावरण होने वाली पहली प्रतिमा होगा. गांधी जयंती के मौके पर राष्ट्रपिता की मूर्ति का अनावरण होना और सम्मानीय रक्षा मंत्री की तरफ से इसे देश को समर्पित करना लक्षद्वीप के लिए मील का पत्थर है.’