मछुआरे के जाल में फंसी ये अनोखी मछली, चुटकियों में बना लाखों का मालिक

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पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के सुंदरबन में एक मछुआरे के जाल में प्रसिद्ध तेलिया भोला मछली फंसी और इस 78 किलो की मछली के लिए उसे 36 लाख रुपये से अधिक मिले हैं. मछुआरे बिकाश बर्मन ने बताया कि वह कई सालों से मछली पकड़ने जाता है और हर बार उसकी इच्‍छा होती थी कि काश! उसके जाल में तेलिया भोला मछली फंस जाए. उसकी बरसों की इच्‍छा अब पूरी हुई है.

बिकाश ने मीडिया को बताया कि वह अपने साथियों के साथ सुंदरबन इलाके में लंबे समय से मछली पकड़ने का काम कर रहा है. इसी इलाके में वह प्रसिद्ध तेलिया भोला मछली पकड़ने में कामयाब रहा. यह विशेष मछली अपने औषधीय गुणों के कारण बहुत महंगी बिकती है. बिकाश को भी इस एक मछली के 36 लाख से अधिक रुपये मिले हैं. बिकाश ने कहा कि यह करीब सात फीट लंबी मछली थी और इसका वजन 78 किग्रा था.

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इसे पकड़ कर बाहर निकालने में उसके साथी मछुआरों राहुल बर्मन, सैकत बर्मन, कमलेश बर्मन और कालीपद ने मदद की. ये सभी गोसाबा द्वीप के सोनागांव गांव में रहते हैं. मछली को स्‍थानीय थोक बाजार में ले जाया गया जहां उसे कोलकाता की एक कंपनी केएमपी ने खरीदा. कंपनी ने इस मछली के लिए प्रति किलो करीब 47,880 हजार रुपये दिए.

तेलिया भोला मछली में होते हैं औषधीय

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गुणजानकार बताते हैं कि तेलिया भोला मछली आमतौर समुद्र में ही होती है, लेकिन प्रजनन काल में यह तटवर्ती इलाकों, पास की नदियों आदि में भी मिलती हैं. इस मछली की विदेशी बाजारों में भारी मांग है. इस मछली के ब्लबर (प्राथमिक वसा भंडारण) की विशेषता है कि इससे जीवनदायी दवाएं बनाई जाती हैं. इसी कारण से यह बहुत महंगी बिकती है. इसका रंग गोल्‍डन होता है

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