समस्तीपुर में रुला रही बिजली की किल्लत, विभाग लाचार

समस्तीपुर । जिले में शहर से लेकर गांव तक बिजली संकट गहरा गया है। बिजली की आंखमिचौनी से दुर्गा पूजा पंडाल भी दीपों के सहारे जगमगा रहे हैं। छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां भी जेनरेटर पर निर्भर हो गई हैं। नवरात्र पर बिजली का संकट गहराने से पूजा आयोजकों की भी चिता भी बढ़ गई है। यह क्रम पिछले एक सप्ताह से जारी है।

सोमवार को दिन में भी लोड शेडिग होने से बिजली घंटों बंद रही। लोड शेडिग होने से बिजली की आपूर्ति आधे से भी कम हो जाती है। बिजली विभाग के अभियंता एक फीडर को बंद कर दूसरे फीडर में बिजली देते हैं। रोटेशन के आधार पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाके में आपूर्ति की जा रही है। इस कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। गर्मी के इस मौसम में लोग पसीने से तर-बतर हो रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों, व्रती महिलाओं की हो रही है, जबकि सरकार पूजा के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति का आदेश दे चुकी है। जेनरेटर के सहारे चल रहीं छोटी-बड़ी इकाइयां

मोहनपुर स्थित औद्योगिक परिसर में स्थित राइस मिल के सुनील अग्रवाल ने बताया कि बिजली का संकट होने से जेनरेटर से राइस मिल को जरूरत भर चलाना पड़ रहा है। इससे काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। एक लीटर डीजल की कीमत वर्तमान में 101 रुपये है। बिजली संकट से प्रतिदिन करीब पांच से छह हजार रुपये के डीजल की खपत हो जा रही है। माल उत्पादन पर काफी असर पड़ा है।

80 की जगह हो रही 65 मेगावाट की आपूर्ति

विद्युत ग्रिड के अभियंता अजीत कुमार ने बताया कि जिले को मुजफ्फरपुर और बेगूसराय सीएलडी से जिले को विद्युत आपूर्ति होती है। जिले में अस्सी मेगावाट बिजली की खपत है। दो दिनों से 65 मेगावाट ही आपूर्ति हो पा रही है। इसके पूर्व तो 30-40 मेगावाट ही विद्युत आपूर्ति हो रही थी। मोहनपुर ग्रिड से पूसा, सिरसिया, कल्याणपुर, समस्तीपुर, जितवारपुर में विद्युत आपूर्ति की जाती है। कम विद्युत आपूर्ति के कारण ऐसी स्थिति हुई है। वैसे कोशिश है कि दशहरा पर्व पर बिजली की किल्लत नहीं होने दी जाए।

Source- Jagran