मां-मामा बने गौरव का सहारा, बिना कोचिंग के अफसर बनेंगी सेकेंड टॉपर चंदा

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 65वीं परीक्षा के टापर गौरव सिंह रोहतास के सासाराम स्थित चमराहां शिव सागर के निवासी हैं। गौरव के पिता मनोज कुमार का बचपन में ही निधन हो गया था, जिसके बाद उनकी मां शशि सिंह ने देखभाल की। दो भाइयों में बड़े गौरव अपने मामा के घर सासाराम में ही मां के साथ रहे। केआइआइटी विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने पुणे में रहकर बीपीएससी की तैयारी की। वहीं सेकेंड टापर चंदा बुडको में सहायक अभियंता हैं। चंदा ने बीपीएससी की तैयारी खुद की, उन्‍होंने इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली। तीसरे स्‍थान पर आने वाले नालंदा के वरुण दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे हैं।

सेल्फ स्टडी से बनीं सेकेंड टॉपर

लक्ष्य तय हो तो बड़ी कोचिंग मायने नहीं रखती। जरूरत होती है लक्ष्य के प्रति अटूट मेनहत की। यह कर दिखाया है बांका की चंदा भारती ने। बीपीएससी 65वें सेकेंड टापर बनीं चंदा अब एडीएम बनेंगी। वह अभी वर्तमान में बुडको गया में सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। 64वीं बीपीएससी में भी उन्हें 684वीं रैंक हासिल हुई थी। तब उन्हें राजस्व अधिकारी की रैंक निर्धारित की गई थी। भागलपुर के कमलनगर कालोनी मिजान हाट की रहने वाली चंदा भारती ने बताया कि उसके पिता ई. विवेकानंद यादव झारखंड के सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं। मां कुंदन कुमारी पाकुड़ में सहायक शिक्षिका हैं। तैयारी को लेकर चंदा ने बताया कि बगैर कोचिंग और माक टेस्ट के ही अबतक उन्होंने पढ़ाई की है। चंदा ने कहा कि उनकी सफलता में उनके भाइयों का बड़ा योगदान रहा। एक बड़ा भाई गृह मंत्रालय में कार्यरत है, जबकि, छोटा भाई झारखंड में ही अभियंता है। उसकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड से ही हुई है। उसे बिहार इंजीनियरिंग सेवा के लिए भी चयन किया गया है।

पहले प्रयास में वरुण ने कर दिया नाम

बिहारशरीफ के भैंसासूर निवासी वरुण बीपीएससी की 65वीं परीक्षा में थर्ड टापर बना है। सैनिक स्कूल नालंदा से मैट्रिक तो बोकारो के चिन्मया स्कूल से इंटर करने के बाद वरुण ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक किया। डीयू से ही अभी वरुण पीजी कर रहे हैं। वरुण ने बताया कि बीपीएससी में उनका यह पहला प्रयास था। वहीं यूपीएससी 2020 के परीक्षा में दूसरे प्रयास में उन्होंने 697वीं रैंक हासिल की थी। वरुण के पिता उमेश कुमार चौधरी असम के गुवाहाटी में एसबीआइ में कार्यरत हैं। वह उन्हीं के साथ रहते हैं।