बिहार में इसी महीने से लोगों को खतियान की डिजिटल कॉपी डिजिटल साइन के साथ उपलब्ध होगी

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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री रामसूरत राय ने सोमवार को पटना के होटल मौर्या में ‘ जमीनी बातें ‘ सीरीज की पहली बैठक का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इस महीने से ही हम रिकॉर्ड ऑफ राइट यानी खतियान की डिजिटाइज्ड कॉपी डिजिटल साइन के जरिए उपलब्ध कराने जा रहे हैं।

यह खतियान जो कैडेस्ट्रल और रिविजनल दोनों प्रकृति का है आधुनिक अभिलेखागार सह डाटा केन्द्र के जरिए उपलब्ध कराया जाएगा। शुरू में 4500 गांवों का डिजिटल खतियान उपलब्ध कराया जाएगा। बाद में मौजूदा सर्वे से प्राप्त खतियान की कॉपी और डिजिटल नक्शा भी आम लोगों को दिया जाएगा।

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साल भर में 23 वें से 8 वें स्थान पर

बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार ने कहा कि एनसीईएआर ने बिहार को वर्ष 2020-21 के लिए देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया है। हम एक साल में 23 वें स्थान से 8वें स्थान पर पहुंचे हैं। लेकिन जब आम लोगों का काम बगैर किसी परेशानी के होने लगे, उन्हें दौड़ भाग से मुक्ति मिल जाए तभी वास्तविक अर्थ में समझा जाएगा कि हमने कुछ उपलब्धि हासिल की है और हमारी रैंकिंग में सुधार हुआ है। जब जमीन से अच्छा फीडबैक मिले तभी रैंकिंग का मतलब है।

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राज्य में खून खराबे का सबसे बड़ा कारण भूमि विवाद

उन्होंने कहा कि बिहार में मारपीट और खून खराबे का सबसे बड़ा कारण भूमि विवाद ही है। मुख्यमंत्री भी कई बार यह बात कह चुके है। इसलिए भूमि विवादों को कम से कम करने को लेकर वो काफी सजग हैं। कहा कि लैंड रिकॉर्डस माडर्नाईजेशन के मामले में मध्यप्रदेश हमसे अच्छा काम कर रहा है इसलिए हमें उनसे सीखने की जरुरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आनेवाले दिनों में विभाग और अच्छा काम करके दिखाएगा। विभाग में बड़ी संख्या में कर्मियों की बहाली हुई है। आने वाले दिनों में राजस्व कर्मचारी एवं और अमीन की बहाली होनेवाली है।

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दिल्ली में ऐसी दूसरी बैठक की जाएगी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘ जमीनी बातें ’ एक श्रृंखला होगी और नियमित अंतराल पर इस तरह की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। यह बैठक इस श्रृंखला की पहली कड़ी है। जल्द ही हम देश की राजधानी दिल्ली में इस तरह की दूसरी बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक नई दिल्ली में 30 और 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित होगी। नवंबर और दिसंबर माह में भी इस तरह के आयोजन करने की योजना है। इस तरह की बैठकों में हिस्सेदारी करने वाले राज्य, संस्थाएं और उसमें शिरकत करनेवाले आम लोग जमीन संबंधी अपनी समस्याएं रखेंगे जिनका समाधान ढूंढने की कोशिश की जाएगी। इससे हम अपनी कार्य क्षमता में सुधार करेंगे जिसका असली मकसद आमलोंगो को सहूलियत देना होगा।

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