चौंकिए मत, बिहार में भी हो रही है सेब की खेती! 2 बीघा खेत में 15 लाख कमाने का मिला मौका

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बिहार में सेब की खेती. सुन कर आप चौंक गए होंगे. अब तक हम यही जानते आए हैं कि सेब ठंडे प्रदेशों में होता है. जैसे कि हिमाचल प्रदेश या कश्मीर. लेकिन बिहार में भी इसकी खेती शुरू की गई है. इस बात ने सब लोगों को हैरत में डाल दिया है. बेगूसराय जिले में यह नई खेती शुरू की गई है.

बेगूसराय में एक किसान ने यह पहल शुरू की है जिनकी पढ़ाई-लिखाई बीएससी (एग्रीकल्चर) तक हुई है. इनके खेतों में अभी पौधे नए हैं और महज साल भर के हैं. ये पौधे एक बरस बाद फल भी देने लगेंगे. सेब की खेती ठंडे प्रदेशों में होती है लेकिन बिहार में इसे 40-45 डिग्री के तापमान पर उगाया जा रहा है. ऐसे में यह पौधे कैसे तैयार होगा? इसके बारे में किसान अमित कुमार बताते हैं कि ऊंचे तापमान के लिए एक खास किस्म तैयार की गई है जिसका नाम है हरमन-99. यह वेरायटी ऐसे स्थान के लिए ही तैयार की गई है जो गर्म हैं और जहां तापमान ज्यादा है. हरमन-99 राजस्थान में भी उगाया जा रहा है और खेती सफल हो रही है. इस लिहाज से बिहार में भी इसकी खेती की जा सकती है.

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गर्म प्रदेश में खेती

सवाल ये भी है कि हिमाचल और कश्मीर में जिस तरह की मिट्टी है, वैसी बिहार में नहीं है. ऐसे में बेगूसराय में सेब की खेती कैसे हो सकती है? इसके जवाब में अमित कुमार ने कहा कि हरमन-99 वेरायटी किसी भी तरह की मिट्टी में उगाया जा सकता है. चाहे वह पथरीली मिट्टी हो या दोमट या लाल. इस हिसाब से बेगूसराय में भी इसकी उपयुक्त खेती की जा सकती है. इस फसल के लिए सबसे जरूरी बात जलवायु है जिसे देखते हुए हरमन-99 तैयार किया गया है.

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औरंगाबाद में भी उगाए जा रहे सेब

अमित कुमार के मुताबिक, सेब के इस वेरायटी की खेती बिहार के ही औरंगाबाद में हो रही है. उनके लगाए पौधे अभी साल भर के हैं और एक साल बाद उनमें फल आने शुरू हो जाएंगे. अमित कुमार ने 4 कट्ठा जमीन में 86 के आसपास पौधे लगाए हैं. वे इस खेती को 1 एकड़ तक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. उनका कहना है कि किसान अगर 1 एकड़ में सेब की खेती करते हैं तो 7-8 लाख रुपये की कमाई की जा सकती है. अमित कुमार के मुताबिक, बेगूसराय के उनके खेत में पैदा होने वाला सेब उसी टेस्ट, कलर और साइज का होगा जो हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में होता है.

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पौधा लगाने से पहले गड्ढा खोदा जाता है उसे रोगनाशक दवा से उपचारित किया जाता है ताकि कई बीमारी न लगे. पौधे को कर्बेंडाजाइम में उपचारित करके लगाया जाता है. सेब की खेती में सबसे कम खर्च है, सिर्फ समय पर सिंचाई की जरूरत होती है. हरमन-99 वेरायटी हिमाचल में तैयार किया गया है, जहां से अमित कुमार ने यह पौधा खरीद कर अपने खेत में लगाया. नवंबर से लेकर फरवरी अंत तक सेब के पौधे को लगाया जा सकता है. हिमाचल से पौधा लेकर आते हैं तो उसे एक सप्ताह के अंदर लगा देना चाहिए.

कितनी होगी कमाई

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अमित कुमार मानते हैं कि नौकरी से बेहतर खेती है अगर तकनीकी स्तर पर ठीक से की जाए. खेती को व्यावसायिक रूप देकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. वे बताते हैं कि दो बीघे की खेती में अगर सेब बढ़िया से फल दे तो साल में 14-15 लाख रुपया कमाया जा सकता है. अमित कुमार बताते हैं कि दो बीघे की खेती कर कोई किसान चाहे तो महीने में 1 से 1.5 लाख रुपये तक की कमाई कर सकता है. बशर्ते कि परंपरागत खेती न कर नकदी फसलों की खेती की जाए जिसका कॉमर्शियल वैल्यू बहुत ज्यादा हो.

फोटो- प्रतीकात्मक

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