अतिवृष्टि से प्रभावित 6 जिलों का सीएम नीतीश ने किया एरियल सर्वे, क्षेत्र में राहत बचाव कार्य तेज करने का दिया निर्देश

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सीएम नीतीश ने आज सीमांचल क्षेत्र के 6 जिलों का एरियल सर्वे किया. अतिवृष्टि से प्रभावित इन जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर मुख्यमंत्री प्रभावित इलाकों का जायजा लिया. किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, सहरसा एवं समस्तीपुर जिलों का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सर्वेक्षण कर बाढ़ प्रभावित इलाकों को देखा.

एरियल सर्वे के बाद पटना लौटे सीएम नीतीश ने कहा कि अतिवृष्टि के प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया है. इन क्षेत्रों में बाढ़ के कारण बर्बादी का आकलन किया गया. प्रभावित जिलों के जिलाधिकारी को राहत बचाव कार्य को तेज करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही समीक्षा बैठक कर और क्या कुछ किया जा सकता है किया जाएगा.
पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक वर्षापात के कारण अनेक जगहों पर फसल बर्बाद हुई है और लोग प्रभावित हुए हैं. कुछ दिन पूर्व हमने वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज आदि जिलों हवाई सर्वेक्षण कर जायजा लिया.पहले से भी इन क्षेत्रों के जो प्रभावित इलाके हैं उनकी भी जानकारी ली है. उन्होंने कहा कि इसके पहले भी हमलोगों ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का आकलन किया था.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ से फसल क्षति तथा जो फसल लगा नहीं सके उन सभी को दी जाने वाली सहायता को लेकर सबकुछ तय कर दिया गया है. सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों ने जिलों में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एक-एक चीज का एसेस्मेंट किया है. इधर, फिर अधिक वर्षापात शुरु हुई है, इससे लोग प्रभावित हुए हैं. हमने सभी प्रभावित जगहों का आकलन करने का निर्देश दे दिया है.

उन्होंने कहा कि पहले से जो प्रभावित इलाके हैं उसके अलावा जो अब प्रभावित हुए हैं उन सबकी राहत एवं सहायता के लिए सब तरह से मदद की जाएगी. आपदा प्रबंधन को लेकर शुरू से हमलोग राहत के लिए काम करते आ रहे हैं. चार माह हम इन्हीं चीजों को लेकर पूरी तरह अलर्ट रहते हैं. उन्होंने कहा कि अक्टूबर माह में भी वर्षापात की ऐसी स्थिति आयी है. अब माना जा रहा है कि वर्षापात की स्थिति घटेगी, लेकिन इसके बाद भी अगर कहीं कोई समस्या उत्पन्न होती है तो लोगों की सहायता की जाएगी.

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