पटना में कब से दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन! किन-किन रूटों पर चलेगी, जानें सबकुछ

पटना में जाम की समस्या और सुगम आवागमन के लिए मेट्रो एक महत्वपूर्ण साधन होगा। आने वाले दिनों में पटना मेट्रो शहर वासियों के लिए लाइफलाइन बन जाएगी क्योंकि हर साल सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में लोगों को शहर में चलने के लिए मेट्रो एक महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में होगा। पटना शहर में कुल 32 किलोमीटर में मेट्रो का संचालन होगा। 18 किलोमीटर में मेट्रो अंडरग्राउड चलेगी, जबकि एलिवेटेड ट्रैक पर चलने के लिए 14 किमी एरिया चिह्नित किया गया है। वैसे तो मार्च 2023 तक मेट्रो के पहले चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन काम धीमी गति से चलने के कारण समय पर पूरा होने की कम उम्मीद है। अधिकारियों का कहना है कि 2024 के अंत तक पटना में मेट्रो ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

मेट्रो परियोजना के काम की शुरुआत पिछले साल हुई है। अभी मलाही पकड़ी पर काम चल रहा है। वहां से प्रथम चरण में आईएसबीटी, बैरिया तक के कोरिडोर का निर्माण होना है। आईएसबीटी के पास मेट्रो का डिपो भी बनना है। महज पांच प्रतिशत काम हुआ है।

पटना में जिस रूट पर मेट्रो का परिचालन होगा वहां पर निजी और व्यावसायिक वाहनों का सड़क से ऐसे ही दबाव कम हो जाएगा। पटना में सबसे अधिक जाम की समस्या मुख्य शहर में है। यहां मेट्रो अंडरग्राउड रहेगी इसीलिए सड़क जाम की समस्या कम हो जाएगी। अफसरों का कहना है कि प्रत्येक दो किलोमीटर में एक स्टेशन बनाया जा रहा है। मेट्रो में कम समय अधिक दूरी तय कर सकेंगे। खासकर नौकरी, कॉलेज स्टूडेंट और व्यवसाय करने वाले लोगों को काफी सुविधा होगी। जिन इलाकों में सरकारी और प्राइवेट दफ्तर हैं वहां मेट्रो जाएगी। खासकर सचिवालय के पास कार्यालय अवधि में काफी भीड़ होती है। इसीलिए विकास भवन के पास भी मेट्रो का एक स्टेशन दिया गया है।

पटना मेट्रो परियोजना के लिए दो कोरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें पहला कोरिडोर दानापुर से जगनपुरा तक होगा। यह कोरिडोर 17.933 किलोमीटर का होगा। इस कोरिडोर में सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्रा, रूकनपुरा, राजबाजार, पटना जू, विकास भवन, विद्युत भवन, पटना रेलवे स्टेशन, मीठापुर, रामकृष्णानगर, जगनपुरा में मेट्रो रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे। पहले कोरिडोर में कुल 14 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।

Source: Live Hindustan