पटना के सुपर-30 से पढ़े छात्र ने खड़ी की 10 मिलियन डॉलर की कंपनी! कभी पिता करते थे मजदूरी

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गरीबी एक ऐसा अविशाप है जो किसी व्यक्ति का जाति, धर्म, रंग रूप नहीं देखता। आज हम बात कर रहे है अकीबुर रहमान की जिनके पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के पैसे नही थी पर अकीबुर के पिता ने हार नही मानी और अकीबुर ने उनका बखूबी साथ निभाया। अकीबुर ने 2007 में सुपर-30 से आईआईटी की तैयारी की प्रवेश परीक्षा क्लियर कर आईआईटी में दाखिला लिया, वहां से अपनी पढ़ाई पूरी कर उन्होंने आगे की पढ़ाई आईआईएम से की। आज अकीबुर 10 मिलियन डॉलर के कंपनी के को-फाउंडर है।

प्रत्येक सफल व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का काफी बड़ा योगदान रहता है। अकीबुर के सफलता में सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार का काफी बड़ा योगदान रहा है। लगभग 14 साल बाद अकीबुर रहमान शिक्षक दिवस से 1 दिन पहले आनंद कुमार से मिलने पहुंचे। मुलाकात के दौरान गुरु-शिष्य के बीच भावनाएं उमड़ पड़ीं। आनंद कुमार अपने छात्र की सफलता से काफी प्रसन्न और गौरवान्वित नजर आए।

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अकीबुर के पिता कभी मजदूरी कर ₹150 प्रतिदिन कमाते थे पर पिता के हिम्मत और बेटे के संघर्ष में सब कुछ बदल दिया। वर्तमान समय में अकीबुर रहमान 10 मिलियन डॉलर की सॉफ्टवेयर कंपनी ‘मेलमोड़ो’ के को-फाउंडर है। इस कामयाबी में सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार का अहम योगदान रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2007 में जब रहमान सुपर-30 से आईआईटी की तैयारी कर आईआईटी क्लियर किया था।

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सुपर 30 के संचालक आनंद कुमार 14 साल बाद अपने शिष्य से मिल कर काफी खुश नजर आए इस क्रम में उन्होंने कहा कि ‘एक शिक्षक के लिए, एक छात्र की ओर से इससे बड़ा गिफ्ट कुछ नहीं हो सकता। उनकी विनम्रता पहले जैसी ही बनी हुई है, हालांकि, उन्होंने बहुत कुछ हासिल किया है और बहुत कुछ प्राप्त करने के लिए तैयार हैं। अकीबुर रहमान के आते ही उनके साथ मेरी पहली मुलाकात की याद जेहन में छा गई।’

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