र‍िकार्ड स्‍तर पर पहुंचा सरसों तेल का मूल्‍य, एक सप्ताह में इतना बढ़ गया भाव

सरसों के तेल की कीमतें आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही है। एक सप्ताह के भीतर सभी कंपनियों के तेल के भाव में पांच से आठ रुपये की तेजी आई है। गुरुवार को थोक मंडी में सरसों का तेल 178 से 185 तो फुटकर में 190 से 198 रुपये लीटर तक बिका। जबकि मिलों पर सरसों का तेल 225 रुपये किलो बेचा जा रहा है। चीनी और सोयाबीन के दामों में भी उछाल आया है। चीनी में चार तो सोयाबीन में 15 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है। थोक कारोबारियों के मुताबिक वायदा कारोबार पर अंकुश न लगने के कारण सरसों के तेल की कीमतें कम नहीं हो रही हैं।

सरसों तेल, रिफाइंड व पाम आयल की कीमतें जनवरी से लगातार बढ़ रही हैं

खाद्य तेलों की बढ़ती हुई कीमतों लोगों के रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। सरसों का तेल हो या रिफाइंड व पाम आयल उसकी कीमतें जनवरी से लगातार बढ़ती रही। बीच-बीच में दाम में कुछ गिरावट आई थी, लेकिन सरसों का तेल एक बार फिर अपने उच्चतम कीमत पर पहुंच गया है। जून अंतिम सप्ताह में सरसों और रिफाइंड दोनों में 20 से 26 रुपये प्रति लीटर तक की कमी आई थी। कुछ दिन बाद ही दाम में तेजी आनी शुरू हो गई