समस्तीपुर रोसड़ा के लाल राजेश कुमार सुमन को मिला “पर्यावरण सांसद” की उपाधि

भोपाल में आयोजित “राष्ट्रीय पर्यावरण संसद” कार्यक्रम के दौरान नर्मदा बचाओ आंदोलन की जनक व अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणविद् मेधा पाटकर(मुंबई), फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया पद्मश्री जाधव पायेंग(असम), पद्मश्री बाबू लाल दहिया( मध्य प्रदेश) के गरिमामयी उपस्थिति में
रोसड़ा के ढरहा निवासी किसान राम चरित्र महतो के बड़े पुत्र व ऑक्सीजन मैन सह ट्रीमैन के नाम से विख्यात एनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट राजेश कुमार सुमन को पर्यावरण सांसद की उपाधि से अलंकृत किया गया। बताते चलें कि उक्त “पर्यावरण सांसद” की उपाधि पर मेधा पाटकर, पद्मश्री जाधव पायेंग और पद्मश्री बाबू लाल दहिया का संयुक्त हस्ताक्षर भी है।

ध्यातव्य हो कि सुमन पिछले कई वर्षों से पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। सुमन बेटी और वन को बचाने के लिए बेटी के सम्मान में बेटी के नाम से हर घर के दरवाजे पर आम का पौधरोपण करते हैं। इसके साथ – साथ जन्मदिन, शादी, शादी के सालगिरह, मुंडन और श्राद्ध कर्म जैसे सामाजिक और धार्मिक अनुष्ठानों के अवसर पर पौधा भेंट करते हैं और पौधरोपण को अपने संस्कार में शामिल करने के लिए लोगों से अनुरोध करते हैं।

इधर पिछले दो वर्षों से सुमन पीठ पर गैलन में पौधा और नाक में ऑक्सीजन मास्क लगाकर सांकेतिक डिमॉन्सट्रेशन युक्त ऑक्सीजन बचाव हरित यात्रा कैंपेन के माध्यम से देश भर में जा जाकर ऑक्सीजन बचाने के लिए देशवासियों को जागरूक करते हैं।इनके निर्देशन में ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब का भी संचालन किया जा है। जहां प्रतियाेगी छात्र – छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षाओं की कोचिंग दिया जाता है और फीस के रूप में प्रत्येक प्रतियोगियों से 18- 18 पौधरोपण करवाया जाता है।

बताते चलें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली भोपाल की संस्था पर्यावरण बचाओ अभियान के बैनर तले आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण संसद कार्यक्रम के दौरान देशभर के लगभग दो दर्जन से अधिक पर्यावरण कार्यकर्ताओं को “पर्यावरण सांसद” का उपाधि दिया गया।

सुमन को “पर्यावरण सांसद” की उपाधि मिलने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है। बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों में प्रमुख रूप से समाजसेवी कृष्ण कुमार लखोटिया, डॉ.विनोद कुमार तिवारी, प्रो. शिव शंकर प्रसाद सिंह, प्रो. गौरी शंकर प्रसाद सिंह शामिल हैं।