सुप्रिया की निर्ममता से हुई हत्या के मामले में प्लुरल्स पार्टी ने पटना में आक्रोश कैंडल मार्च निकाला…

Advertisement

पटना. “बिहार में लड़कियाँ तब तक सुरक्षित हैं जब तक उनकी बारी न आ जाए. बिहार में सुशासन नहीं दु:शासन है”. यह बात प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने आज सुप्रिया कुमारी को न्याय दिलाने के लिए निकाली गई आक्रोश कैंडल मार्च के दौरान कही.

उन्होंने आगे कहा कि वैशाली निवासी 14 वर्षीय सुप्रिया हत्याकांड जंगलराज पार्ट 2 का उदाहरण है जिसने कथित सुशासन के चेहरे से नकाब हटा दिया है. नीतीश कुमार के राज में कानून व्ययस्था एक मज़ाक बनकर रह गया है. बिहार में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ महज नारा बनकर रह गया है. बेटी बचाओ नारा को चेतावनी बना दिया है. 14 वर्षीय बच्ची जो पढ़ने जा रही थी उसकी निर्मम हत्या कर दी जाती है और अब तक उसपर ठोस कारवाई भी नहीं की गई है. अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक नहीं मिली है.
वैशाली निवासी सुप्रिया के पिताजी उमाशंकर ठाकुर प्लुरल्स पार्टी के टिकट से मोरवा विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं. लोकप्रिय शिक्षक के रूप में प्रसिद्ध उमाशंकर शाहपुर पटोरी में कोचिंग संस्थान चलाते हैं.

Advertisement

सुप्रिया की निर्ममता से हुई हत्या के मामले में प्लुरल्स पार्टी ने पटना में आक्रोश कैंडल मार्च निकाला था. यह गांधी मैदान के कारगिल चौक से प्रारंभ होकर जे पी गोलंबर तक चली जहां सुप्रिया को श्रद्धांजलि दिया गया और दोषियों को सजा और सुप्रिया के परिवार को न्याय की मांग की गई.

ज्ञात हो कि पटोरी थाना क्षेत्र के समीपवर्ती, वैशाली जिले के महनार थाना क्षेत्र स्थित करनौती ग्राम निवासी शिक्षक उमा शंकर ठाकुर पटोरी में कोचिंग संस्थान चलाते हैं. अन्य दिनों की तरह मंगलवार सुबह लगभग 4:00 बजे उनकी पुत्री अपने करनौती स्थित घर से अपने पिता के कोचिंग क्लास में शामिल होने के लिए चली. दिन के 11:00 बजे तक न ही वह कोचिंग पर पहुंची और न ही अपने घर वापस लौटी. इसकी सूचना मिलते ही परिवार व क्षेत्र के लोगों ने छात्रा की खोजबीन शुरू कर दी. इसकी सूचना वैशाली जिले के महनार थाना को दे दी गई. बुधवार की सुबह सुप्रिया की लाश करनौती स्थित बरैठा चौर में पानी में तैरती हुई मिली थी.

Advertisement

इस आक्रोश कैंडल मार्च में प्लुरल्स पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अनुपम सुमन, प्रेस सचिव मुकेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल्ला जमाल, प्रदेश प्रवक्ता कुमार कन्हैया, राघवेंद्र शरण, पटना जिलाध्यक्ष टीएन सिंह, दरभंगा जिलाध्यक्ष कृष्णा झा, पूर्व उम्मीदवार कुंदन, अभिषेक, चंदन झा, सुनिधि, रागिनी, राजलक्ष्मी, मोना, मोनिका, अंजली, मुस्कान, रणविजय, प्रीतम, नीरज, धर्मेंद्र सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे.

Advertisement

Advertisement