मिथिलांचल का ड्रीम प्रोजेक्ट:हसनपुर-सकरी 76 किमी रेल परियोजना की जगी आस

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मिथिलांचल का ड्रीम प्रोजेक्ट हसनपुर-सकरी रेल परियोजना पर कुशेश्वर पंक्षी विहार के पास बंद कार्य के पुन: शुरू होने की फिर से आस जगी है। रेलवे मंत्रालय ने मंडल प्रशासन से योजना से संबंधित अपडेट रिपोर्ट मांगी है। इसमें नवीनतम तस्वीर व कार्यस्थल का वीडियो मांगा गया है। करीब डेढ़ दशक से पंक्षी विहार के पास बंद योजना को चालू करने को लेकर अक्टूबर महीने के प्रथम सप्ताह में प्रधान सचिव स्तर के अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक को लेकर बोर्ड 100 से अधिक फोटो के अलावा स्थल का वीडियो भी मांगा है। रेलवे के निर्माण विभाग के वरीय अभियंता विजय शंकर सिंह के साथ एक टीम शुक्रवार को स्थल का निरीक्षण कर तस्वीर व वीडियो रिकॉडिंग की है। डीआरएम आलोक अग्रवाल ने कहा कि योजना को लेकर यह विभागीय प्रक्रिया है। मुख्यालय के निर्देशानुसार योजना से संबंधित फोटो आदि भेजा जा रहा है।

13 सालों से ठप है पक्षी विहार के पास रेलवे लाइन बिछाने का काम

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बताया जाता है कि प्रवासी पक्षियों के प्रेम में 13 सालों से कुशेश्वर पंक्षी विहार के पास योजना पर कार्य ठप है। दरभंगा के तत्कालीन डीएफओ दिगंबर ठाकुर द्वारा दिसंबर 2008 में आपत्ति व्यक्त किया था। जिसके बाद कुशेश्वर स्थान पंक्षी विहार के पास रेलवे लाइन के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। तब से कुशेश्वर स्थान के पास रेलवे लाइन बिछाने का कार्य बंद है। करीब दो वर्ष पूर्व पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने सशर्त योजना पर कार्य शुरू करने की अनुमति दी थी।

रेलवे हाइड्रोलॉजिकल सर्वे के आधार पर चौर में बनाना चाहता है छोटा-छोटा पुल | रेलवे हाइड्रोलॉजिकल सर्वे के आधार पर चौर में पानी का बहाव नहीं रुके इसके लिए तीन अलग-अलग स्थानों पर 120, 90 व 60 मीटर का पुल बनाने को तैयार है। इसके लिए अलावा तीन-तीन मीटर पर बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण भी करने को तैयार है।

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योजना की क्या है स्थिति

सकरी से हरनगर तक रेलवे लाइन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। ट्रेन सकरी से हरनगर तक चल रही थी लेकिन कोरोना के कारण अभी परिचालन बंद है। इधर, हसनपुर से बिथान तक अर्थ वर्क पूरा हो चुका है। स्टोन ब्लास्ट व रेलवे लाइन नहीं मिलने के कारण योजना में देरी हो रही है।

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^रेल परियोजना को लेकर यह विभागीय प्रक्रिया है। मुख्यालय ने अपडेट तस्वीर व वीडियो की मांग की है। फोटो व वीडियो मुख्यालय को जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा।
-आलोक अग्रवाल, डीआरएम

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