मूर्तिकला में राज्य स्तर पर समस्तीपुर के जितवारपुर निवासी दिनेश को मिला सम्मान

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जितवारपुर हसनपुर निवासी दिनेश पंडित की प्रतिभा को मुकाम मिल ही गया। पटना में उद्योग मंत्री ने मूर्तिकला में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। उनके सम्मान से लोग फूले नहीं समा रहे हैं। दरअसल मिट्टी का इस्तेमाल कर कलाकार कितनी सुंदर कलाकृतियां बना सकते हैं यह देखना हो तो चले आइए जितवारपुर के हसनपुर में। यहां रामदयाल पंडित के पुत्र दिनेश पंडित के द्वारा टेराकोटा (पकी हुई मिट्टी की कलाकृति) की एक से बढ़कर एक कलाकृतियां हैं। इनकी इसी उद्यमिता को देखते हुए उद्योग विभाग द्वारा स्टेट मेरिट से सम्मानित किया गया। इसकी सूचना मिलते हीं इनके घर शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है।

लोगों का कहना है कि आज इनकी कला को एक मुकाम मिला है। इनके घर कई प्रसिद्ध मूर्तियां आज भी एलबम की शोभा बढ़ा रहा है। इसमें टेराकोटा कला में बनी सुंदर कलाकृतियां देखी जा सकती हैं। इनकी सभी कलाकृतियां इतनी मोहक हैं कि देखने वालों को अपनी ओर अनायास ही खिंचती हैं।

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दिनेश ने अपनी कला के द्वारा कई कलाकृतियों में समाज, मानव जीवन और संघर्ष, अध्यात्म, परंपरा और संस्कृति को दिखाया है। इनकी बनाई यह मूर्तियां आपस में बात करती सी महसूस होती हैं। हमारा चेहरा कितना कुछ कहता है, इसी को दिखाती इनकी मूर्तियों को देख ऐसा लगता है कि ये अब बोल उठेंगी। अपने खास आकार और डिजाइनिंग के कारण भी इनके द्वारा बनायी गई मूर्तियों की विशेष डिमांड है। दिनेश द्वारा बनायी गई कलाकृति दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। टेराकोटा की मूर्तियों के जरिए वे जहां भगवान की विभिन्न आकृति वाली मूर्तियों को रूप देते हैं तो कई जगहों पर स्त्री के सौंदर्य को भी दिनेश ने दिखाया है। इनके द्वारा उपेंद्र महारथी कला अनुसंधान केंद्र में बनायी गई रानी लक्ष्मीबाई की मूर्ति को निर्णायकों ने काफी सराहा। इसी वजह से उन्हें स्टेट मेरिट के लिए चयनित किया गया। अपने सौंदर्य और अनोखेपन के कारण इन्हें पहचान दिलाने में कामयाब रही। इसके पूर्व भी दिनेश को जिला स्तर पर कई पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

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