दरभंगा एयरपोर्ट का कीर्तिमान, प्रति उड़ान यात्रियों की आवाजाही में पटना को भी पछाड़ा

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दरभंगा एयरपोर्ट को शुरू हुए करीब 10 महीने हो चुके हैं। इन महीनों में एयरपोर्ट ने पटना को पछाड़ कीर्तिमान स्थापित किया है। पटना एयरपोर्ट से एक विमान में जहां औसतन 110 से 125 यात्रियों की आवाजाही हो रही है, वहीं दरभंगा में यह औसत 150 के आसपास है। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते उत्तर बिहार के लोग पटना की जगह दरभंगा से ही हवाई यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। आठ नवंबर, 2020 को दरभंगा एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही शुरू हुई थी। तब से अब तक यात्रियों की संख्या चार लाख को पार कर चुकी है। रोजाना यहां से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद के लिए लगभग दो हजार यात्री आवाजाही करते हैं।

दरभंगा एयरपोर्ट की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे प्रमुख कारण सुगम आवागमन है। बिहार के दूसरे एयरपोर्ट के रूप में स्थापित दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने के लिए यात्रियों को जाम की समस्या से जूझना नहीं पड़ता है। यहां से न केवल दरभंगा बल्कि बिहार के 19 जिले के यात्री लाभान्वित हो रहे हैं। यहां से मधुबनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, फारबिसगंज, अररिया, बेगूसराय, सीतामढ़ी सहित पड़ोसी देश नेपाल के यात्री भी आ रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 57 पर दिल्ली मोड़ के पास अवस्थित इस एयरपोर्ट तक पहुंचने में यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होती है।

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यात्रियों का कहना है कि पटना एयरपोर्ट से फ्लाइट पकडऩे के लिए कई घंटे पहले घर से निकलना पड़ता है। दूसरी समस्या पटना गांधी सेतु पर जाम की है। यहां पता नहीं कितने घंटे जाम में फंसना पड़े। इस कारण कई बार फ्लाइट छूट जाती है, लेकिन दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने में कहीं भी जाम की समस्या नहीं होती। इतना ही नहीं, किराया में भी कमी के कारण यह एयरपोर्ट यात्रियों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

दरभंगा एयरपोर्ट से कार्गो सेवा शुरू होने से यहां और आसपास के किसानों में खुशी है। यहां से लीची की खेप मुंबई भेजी गई थी। वहीं, मिथिलांचल के प्रमुख उत्पाद में से एक मखाना को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल गया है। पहले किसानों को अपना उत्पाद पटना भेजना पड़ता था। फिर वहां से देश व दुनिया के कई स्थानों पर उत्पादों को भेजा जाता था। आम, लीची आदि फसलों से जुड़े किसानों को इस कारण कई समस्याएं होती थीं। उत्पाद के खराब होने का डर रहता था, लेकिन अब दरभंगा से उड़ान सेवा शुरू होने के बाद आसानी से किसान अपना उत्पाद देश व दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचा रहे हैं।

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