सीए की परीक्षा में भाई-बहन का कमाल, नंदिनी अग्रवाल बनी इंडिया टॉपर, सचिन को 18वीं रैंक

एमपी के मुरैना जिले की रहने वाली 19 साल की नंदिनी अग्रवाल ने सीए की परीक्षा में टॉप की है, जबकि उनके बड़े भाई 21 साल सचिन अग्रवाल ने ऑल इंडिया में 18वीं रैंक हासिल किया है। नंदिनी अग्रवाल को सीए की परीक्षा में 800 में से 614 अंक हासिल हुए हैं। वहीं, भाई सचिन अग्रवाल को 568 अंक प्राप्त हुए हैं। भाई बहनों की सफलता पर पूरे परिवार में खुशी की लहर है। दोनों ने कहा है कि हमारी कंपनी यूनिक है और सफलता का जश्न मनाया है।

सीएम ने दी बधाई

एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दोनों की सफलता पर ट्वीट कर बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि तुम दोनों पर गर्व है। दरअसल, दोनों भाई-बहनों को टॉपर होने की आदत है। मुरैना के विक्टर कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई के दौरान 2017 में दोनों ने 12वीं में 94.5फीसदी मार्क्स लाकर संयुक्त रूप से टॉप की थी। इस सफलता पर प्रदेश के सभी नेताओं ने नंदिनी और उसके भाई को बधाई दी है।

उम्र में दो साल का है फासला, फिर भी दोनों क्लासमेट

नंदिनी और सचिन की उम्र में दो साल का फासला है लेकिन बोर्ड की परीक्षा दोनों ने साथ में दिया है। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए नंदिनी अग्रवाल ने कहा कि मैंने बचपन में दो क्लास छोड़ दी थी और दूसरी कक्षा से ही हम भाई-बहन क्लासमेट रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्विता के बजाए हम भाई-बहन एक दूसरे का समर्थन करते थे। वास्तव में, मेरे भाई ने मेरी सफलता में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मॉक टेस्ट में खराब था प्रदर्शन

नंदिनी ने कहा कि मेरे मॉक टेस्ट में मुझे खराब अंक मिले थे। यह बहुत ही डिमोटिवेट करने वाला था। मैं सोच रही थी कि मैंने मॉक टेस्ट में इतना खराब प्रदर्शन किया है तो फाइनल एग्जाम में कैसा प्रदर्शन करूंगी। इसे लेकर मैं डिप्रसेड हो रही थी। मेरे भाई के समर्थन ने इसमें जादू की तरह काम किया है। भाई ने मुझे प्रैक्टिस करने के लिए कहा और मॉक टेस्ट के परिणामों के बारे में नहीं सोचने के लिए मोटिवेट किया।

सचिन अग्रवाल ने कहा कि नंदिनी स्कूल के समय से ही मेहनती थी। उसने मुझे भी बहुत प्रेरित किया है। उसे देखकर ही मैंने अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू कर दिया। मुझे मोटिवेट करने का श्रेय उसी को जाता है। दोनों हंसते हुए कहते हैं कि हम एक दूसरे की ताकत हैं।

मां का था सपना

नंदिनी ने कहा कि मैं और भैया कठिन समस्याओं से निपटने के लिए अपना सिर एक साथ रखेंगे। हमने हमेशा एक-दूसरे की मदद की है। वहीं, सचिन ने कहा कि सीए क्रैक करना मेरी मां का सपना था। मुझे खुशी है कि हमने इसे अपने स्टाइल में किया है। इनके पिता नरेश चंद्र गुप्ता एक टैक्स प्रैक्टिशनर हैं, जबकि मां डिंपल गुप्ता गृहिणी हैं।