जिलाधिकारी समस्तीपुर द्वारा मोरवा प्रखंड अंतर्गत बाढ़ से हुई क्षति की समीक्षा हेतु क्षेत्र भ्रमण किया गया।

भ्रमण के पूर्व प्रखंड अंतर्गत कार्यालय में सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ एक बैठक किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए:

  1. जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि प्रखंड के वरीय पदाधिकारी भूमि सुधार उप समाहर्ता समस्तीपुर के साथ कैंप करके बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के वैसे लोग जिनकी एंट्री नहीं हुई हैं उनका अगले तीन दिनों में एंट्री करवाना सुनिश्चित करेंगे।
  2. जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जो भी गांव/टोला/मोहल्ला या घर जिस में पानी घुस गया हो या उनका संपर्क सड़क भी पानी से डूब जाता है, तो उसे बाढ़ प्रभावित की श्रेणी में लिया जाएगा और सर्वे के उपरांत बाढ़ प्रभावित लोगों को जीआर अनुदान की राशि उपलब्ध कराया जाएगा।
  3. सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि पुनः सर्वे ठीक से करवाए। बाढ़ से प्रभावित लोग छूटने नहीं चाहिए।
  4. वैसे गांव/टोला/वार्ड जिनका संपर्क सड़क बाढ़ प्रभावित हो या चारों तरफ पानी से घिरा हुआ उस क्षेत्र के सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के नाम सूची में जुड़वाएं एवं उन्हें राहत सामग्री उपलब्ध कराएं।
  5. मोरवा प्रखंड के चाकसिकंदर पंचायत के वार्ड संख्या 1 से 8 तक को बाढ़ से प्रभावित बतलाया गया है जिनमे कुल 1200 से अधिक परिवार प्रभावित हुए है।
  6. धुनायिवसी में बाढ़ आपदा से प्रभावित लोगों के लिए अवश्यकता अनुसार कम्युनिटी किचन चलाने का निर्देश अंचल अधिकारी मोरवा को दिया गया।
  7. जिलाधिकारी ने वैसे वार्ड जो बाढ़ के पानी से 90% प्रभावित है, उन वार्ड के सभी लोगों को बाढ़ आपदा से प्रभावित मानते हुए जीआर अनुदान देने का निदेश दिया ।
  8. अंचल अधिकारी मोरवा को निर्देशित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आवश्कता अनुसार पॉलीथिन शीट्स का वितरण दिनांक 11 सितंबर तक सुनिश्चित कराएंगे। जहां भी लोग विस्थापित लोग शरण ले रहे है जैसे स्कूल/बांध, वहां पर दिनांक 11 सितंबर से कम्युनिटी किचन शुरू कराने का निर्देश दिया गया।
  9. बाढ़ आपदा से प्रभावित लोग जहां भी विस्थापित है वहां पर शौचालय बनवाने व चापाकल लगवाने का निर्देश पीएचईडी के जेई को दिया गया।
  10. प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जीआर अनुदान हेतु सूची तैयार कराएंगे। बाढ़ आपदा से प्रभावित लोग छूटे ना इसका विशेष ख्याल रखेंगे।
  11. दिनांक 12 सितंबर तक सूची बनाकर प्रतिवेदित करेंगे। साथ ही प्रखंड के वरीय पदाधिकारी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर अनुमंडल अपने पर्यवेक्षण में सूची तैयार कराना सुनिश्चित करेंगे।
  12. प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि बाढ़ प्रभावित लोग जहां आवासित हैं वहां एक बार स्वयं भ्रमण करें। आवश्यकता अनुसार पशु चारा का वितरण सुनिश्चित करेंगे।
  13. जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि सभी तैयारी 12 सितंबर तक पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे और 13 सितंबर को जिला स्तरीय टीम द्वारा जांच कराया जाएगा।
  14. क्षेत्र भ्रमण के दौरान आम जनता से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी को निर्देशित किया गया।
  15. जिलाधिकारी के भ्रमण के क्रम में साथ में पूर्व पशुपालन मंत्री श्री वैद्यनाथ साहनी भी मौके पर उपस्थित थे।

भ्रमण के क्रम में अपर समाहर्ता समस्तीपुर, जिला कृषि पदाधिकारी, अंचल अधिकारी मोरवा, प्रखंड विकास पदाधिकारी मोरवा, प्रखंड अंतर्गत सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, प्रखंड के नोडल पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी उपस्थित थे।