जब मुगलसराय हो सकता दीनदयाल, तो समस्तीपुर ललित बाबू क्यों नहीं?

कोलकाता. जब मुगलसराय रेल स्टेशन का नाम दीनदयाल हो सकता है तो फिर समस्तीपुर या दरभंगा का नाम पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के नाम पर ललित बाबू क्यों नहीं? बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बुधवार को पत्र भेजकर मिथिला विकास परिषद ने यह मांग की। परिषद के अध्यक्ष अशोक झा ने बुधवार रात इस संबंध में पत्रिका से खास बात की। झा ने कहा किउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रस्ताव पारित कर मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर दीनदयाल किया गया। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि रेल क्रांति के जनक रहे बिहार के पूर्व रेल मंत्री ललितनारायण मिश्रा के नाम पर आखिर समस्तीपुर या दरभंगा स्टेशन का नाम ललित बाबू क्यों नहीं हो सकता?

उल्लेखनीय है कि मिश्रा दरभंगा के सांसद थे जबकि समस्तीपुर में रेल के एक कार्यक्रम के दौरान 3 जनवरी, 1975 को मंच पर ही बम मार कर उनकी हत्या कर दी गई थी। झा ने कहा कि इस संबंध में इसे राष्ट्रीय मसला बनाने को लेकरबिहार के सभी सांसदों को भी पत्र लिखा गया है। अगस्त के अंतिम सप्ताह से जनसंपर्क अभियान तेज होगा।बिहार के राज्यसभा सांसद राजद के मनोज झा से भी इस संबंध में आवाज उठाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि ३ जुलाई को पहले भी नितीश को पत्र भेजा था पर आजतक कोई जवाब नहीं आया। समस्तीपुर के डीआरएम से पर्सनली भेंट कर मांग की गई थी। महानगर के सांसद सुदीप बंदोपाध्याय से भी गुहार की है।