बिहार के किसानों को सरकार ने दिया एक और मौका, फसल हो गई बर्बाद तो अब मत करें चिंता

बिहार के कई जिलों में बाढ़ से फसलों की बर्बादी हुई है। पिछले महीने तक मुख्‍यत: उत्‍तर बिहार के जिले प्रभावित थे, लेकिन गंगा और पुनपुन में उफान के बाद अब दक्षिण और मध्‍य बिहार के जिले भी बाढ़ की जद में आ गए हैं। इसका सबसे अधिक नुकसान किसानों को ही हुआ है। फसलें बाढ़ के पानी में डूब कर बर्बाद हो गई हैं। इसे देखते हुए सरकार ने 20 अगस्त तक किसान फसल सहायता योजना में आवेदन करने की तिथि बढ़ा दी है। पहले यह 31 जुलाई तक तय थी। सहकारिता विभाग के मुताबिक सभी रैयत एवं गैर रैयत किसानों को पोर्टल पर आनलाइन आवेदन व निबंधन की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई है। इस योजना में सभी प्रमुख खरीफ फसलें शामिल हैं।

10 हजार रुपए प्रति हेक्‍टेयर तक मिल सकती है मदद

जिस किसान की 20 फीसद फसल को क्षति होगी तो उस किसान को 75 सौ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से फसल सहायता योजना का लाभ मिलेगा, जबकि 20 फीसद से ज्यादा फसल को क्षति होने पर संबंधित किसान को दस हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से क्षति का मुआवजा दिया जाएगा। रैयत किसान द्वारा ऑनलाइन आवेदन एवं निबंधन के लिए आधार संख्या, आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आधार संबद्ध बैंक खाता, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद, स्व-घोषणा पत्र और आवेदक का फोटो जरूरी है।

गैर रैयत किसान को भी मिलेगा योजना का लाभ

गैर रैयत किसान द्वारा आनलाइन आवेदन व निबंधन के लिए आधार संख्या, आधार रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, आधार संबद्ध बैंक खाता, स्व-घोषणा पत्र, आवेदक का फोटो देना होगा। गैर रैयत किसान के लिए एक परिवार से एक ही आवेदन मान्य होगा। फसल सहायता योजना का लाभ अधिकतम दो हेक्टेयर प्रति किसान मिलेगा। सहायता राशि का निर्धारण फसल कटनी के आधार पर और राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में जाएगी।