रक्षाबंधन के आकर्षण ने तोड़ी धर्म की दीवार, बिहार की मुस्लिम महिलाओं ने भी बांधी राखी

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पटना: सावन पूर्णिमा का त्योहार प्राचीन काल से ही आर्यावर्त के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इसी दिन रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाता है। लेकिन हिंदुओं के इस त्योहार के रक्षाबंधन के आकर्षण ने तोड़ी धर्म की दीवार, मुस्लिम महिलाओं ने भी बांधी राखी : आकर्षण ने धर्म की दीवारें भी तोड़ दी हैं। अब मुस्लिम महिलाएं व युवतिया भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने लगी हैं। शनिवार को शहर के प्रमुख बाजारों में दुकानों पर कई मुस्लिम युवतियों ने राखी खरीदी। हालांकि इस बार बाजारों में चीन निर्मित राखियां नहीं बिक रही हैं। दुकानदारों ने भी चीन की राखियां बेचने से किनारा किया हैै।

श्रावण मास के अंतिम दिन रविवार यानी पूर्णिमा को बहनें भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधेंगी। ऐसे में भाई-बहन के इस त्योहार को लेकर बाजार भी सज गए हैं। राखी की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। भाई भी बहनों के लिए कुछ विशेष उपहार देने की तैयारी में हैं। मुस्लिम समुदाय की सबीना, नेहा परवीन, शीबा आदि युवतियां भीखनपुर गुमटी नंबर दो पर राखी खरीदती दिखीं। बाजार में भी काफी चहल-पहल दिखी।

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दुकानदार पप्पू खां की मानें मुस्लिम समाज की बीस फीसद लड़कियों ने राखियां खरीदीं। मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने लूबो राखी की खरीदारी की। इस समाज में लूबो राखी भाई अपने बहनों के बांधने का प्रचलन है। जिले भर में तीन हजार से अधिक सथाई व अस्थाई राखियों की दुकानें खुली थीं। एक दुकान पर कम से कम पांच हजार रुपये की बिक्री हुई।

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