समस्तीपुर सहित आसपास के जिलों के 22 हजार एकड़ में लगी गन्ने की फसल नष्ट

समस्तीपुर। भारी बारिश से हसनपुर चीनी मिल परिक्षेत्र के 55 हजार 286 एकड़ भूमि में लगी गन्ने की फसल में से 21 हजार 752 एकड़ भूमि की फसल नष्ट हो गई है। उक्त जानकारी देते हुए चीनी मिल के वरीय गन्ना उपाध्यक्ष शंभु प्रसाद राय ने बताया कि समस्तीपुर जिले के 27 हजार 648 एकड़ भूमि में लगी गन्ने की फसल में से 10 हजार 476 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। बेगूसराय जिले के 25 हजार 247 एकड़ में लगी गन्ने की फसल में से 10 हजार 121 एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। दरभंगा जिले के 303 एकड़ भूमि में लगी फसल में से 127 एकड़ भूमि की फसल बर्बाद हुई है। जबकि खगड़िया जिले के 1995 एकड़ भूमि में लगी गन्ने की फसल में से 947 एकड़ की फसल नष्ट हो गई है।

वहीं मुजफ्फरपुर जिले के 85 एकड़ भूमि में लगी गन्ने की फसल में से 76 एकड़ भूमि की फसल बर्बाद हो गई है। इसी तरह वैशाली जिले के 6.97 एकड़ भूमि में लगी गन्ने की फसल में से 4 एकड़ की फसल पूर्णत: नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि हसनपुर चीनी मिल परिक्षेत्र के किसानों को 1 अरब 13 करोड़ 90 लाख 74 हजार 426 रुपये मूल्य की फसल नष्ट हुई है। इस संबंध में चीनी मिल परिक्षेत्र के किसानों का कहना है कि अधिकांश किसान महाजनों से कर्ज लेकर गन्ने की खेती की थी। लेकिन समुद्री तूफान और समय से पूर्व हुई भीषण बारिश ने फसल बर्बाद कर किसानों की कमर तोड़ दी है। इस स्थिति में सरकार द्वारा गन्ना किसानों को सहायता नहीं किया जाएगा तो किसानों के परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न होने से कोई नहीं रोक सकता। किसानों का यह भी कहना है कि जब तक सरकार द्वारा चौर से जल निकासी की व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक किसानों का फसल नष्ट होता रहेगा। हालांकि चीनी प्रबंधन मंडल ने गन्ना फसल क्षति का आकलन कर सरकार को उपलब्ध करा दियाहै। साथ ही सभी चौर से जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।