बिहार में बिजनेस के लिए बिना ब्‍याज के 10 लाख रुपए पाना अब और भी आसान, आधा लोन होगा माफ

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बिहार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत फर्म के नाम पर चालू बैंक खाता की शर्त को अब खत्म कर दिया गया है। सभी वर्ग के आवेदक व्यक्तिगत चालू बैंक खाता खुलवाकर मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऋण का आवेदन कर सकेंगे। उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने इस आशय के निर्देश दिए। इस योजना के तहत नए उद्यमियों को बिजनेस के लिए 10 लाख रुपए तक का लोन 50 फीसद सब्सिडी के साथ दिया जाता है। महिलाओं को इस लोन के लिए कोई ब्‍याज नहीं देना है, जबकि अन्‍य को केवल एक फीसद ब्‍याज पर लोन मिलता है। पांच लाख रुपए चुकाने के लिए सात साल यानी 84 महीनों का मौका मिलता है। लोन की आधी रकम यानी पांच लाख रुपए सरकार सब्सिडी के तौर पर वहन करती है।

चालू बैंक खाता खुलवाने में आ रही थी परेशानी

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फर्म के नाम पर चालू बैंक खाता खुलवाने में आ रही परेशानी को केंद्र में रख उद्योग विभाग ने यह फैसला लिया है। आवेदक को इस योजना के तहत ऋण के लिए अनुदान स्वीकृति के उपरांत चालू खाते तो फर्म के नाम पर परिवर्तित कराना होगा। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की समीक्षा के क्रम में यह बात सामने आयी कि फर्म के नाम पर चालू खाता खुलवाने में आवेदकों को काफी परेशानी हो रही है। उद्यमी बनने को इच्छुक लोगों, जिनका अब तक कोई फर्म रजिस्टर्ड नहीं है, को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे लोग फर्म के नाम पर चालू खाता होने की आवश्यक शर्त के कारण आवेदन नहीं कर पा रहे। इसे ध्यान में रख मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इसमें यह जोड़ा गया है कि अगर आवेदक बैैंक में व्यक्तिगत चालू खाता खुलवा लें तो भी वे इस योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं।

मालूम हो कि वर्ष 2018 से मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति उद्यमी योजना लागू है। वर्ष 2019 में इस योजना के तहत अति पिछड़ा वर्ग को भी जोड़ा गया। वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को लागू किया गया। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी योजनाओं को रिलांच किया था। चालू व्यक्तिगत बैंक खाता प्रविधान इन सभी योजनाओं पर लागू होगा।

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Source : Dainik Jagran

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