बिहार में मामूली शुल्क देकर मिल जाएंगे जमीन के सभी दस्तावेज, खर्च होंगे मात्र 10 से 150 रुपये

करीब डेढ़ सौ अंचलों के माडर्न रिकार्ड रूम पूरी तरह तैयार हो गए हैं। उद्घाटन होते ही ये काम करने लगेंगे। बाकी 117 अंचलों के भवन तैयार हैं। उपस्कर की खरीद हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उद्घाटन का समय मांगा गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री रामसूरत कुमार ने बताया कि इस साल सभी अंचलों के रिकार्ड रूम को चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रिकार्ड रूम से रैयत जमीन से जुड़े सभी तरह के दस्तावेजों की प्रति ले सकते हैं। इसमें पंजी-2, खतियान समेत अन्य राजस्व दस्तावेज शामिल हैं। इसके लिए उन्हें मामूली शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क दस्तावेज के आकार के आधार पर 10 रुपये से 50 रुपये के बीच रखा गया है। न्यूनतम 10 से 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। नक्शे के लिए आवेदक को 150 रुपये प्रति शीट की दर से भुगतान करना होगा।

रिकार्ड रूम में होंगे सीसीटीवी कैमरे

विभाग का दावा है कि ऐसे सभी दस्तावेज, जिनका सृजन अंचल स्तर पर होता है, रिकार्ड रूम में उपलब्ध रहेंगे। वादों से संबंधित अभिलेख एवं संचिकाएं भी यहां मौजूद रहेंगी। रिकार्ड रूम में रखे जाने से पहले किसी अभिलेख को संबंधित लिपिक, प्रधान लिपिक तथा अंचलाधिकारी सत्यापित करेंगे। यह इसलिए कि भविष्य में इन अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ न हो। रिकार्ड रूम को उपस्करों के लिए 16 लाख 10 हजार रुपये दिए गए हैं। माडर्न रिकार्ड रूम में चार कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर के अलावा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

इन्हें दी गई है जिम्मेवारी

माडर्न रिकार्ड रूम की पूरी जिम्मेवारी अंचलाधिकारी की होगी। वही इसके नियंत्रक होंगे। अंचल कार्यालय के प्रधान सहायक के अतिरिक्त एक नियमित सहायक को इसके देखरेख की जिम्मेवारी दी गई है। डाटा सेंटर के लिए राज्य कैबिनेट ने 3883 पदों पर बहाली की मंजूरी दी है। अभी बहाली नहीं हुई है। काम चलाने के लिए बेल्ट्रान को तत्काल डाटा आरपेटर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है।

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