बिहार में बाढ़ ने बरपाया कहर, बुरी खबर मिली तो रात को दौड़े पटना के डीएम

लगातार बारिश और गंगा, कोसी सहित तमाम नदियों में आए उफान से बिहार में बाढ़ का संकट दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। नए इलाकों में भी पानी फैलने लगा है। उत्तर बिहार की नदियों के नेपाल स्थिति जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के चलते दो दिन बाद भी निजात की उम्मीद नहीं है। दक्षिण बिहार की नदियां भी उफन रही हैं। गंगा के साथ सोन और पुनपुन के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना के आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन सतर्क है। गुरुवार को आधी रात के दौरान पटना नहर में पानी का दबाव बढ़ने और तटबंध से रिसाव की खबर मिली तो डीएम डा. चंद्रशेखर दौड़े- दौड़े संबंधित स्‍थलों पर पहुंचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया।

पटना से भागलपुर तक बाढ़ ने बढ़ाई परेशानी

पटना में अगर बारिश नहीं रुकी तो शहरी क्षेत्र में जलजमाव की समस्‍या खड़ी हो सकती है। इसके पीछे वजह यह है कि गंगा के बढ़े जल स्‍तर के कारण पानी शहर में घुसने की आशंका है। गंगा में गिरने वाले कई नालों को प्रशासन ने एहतियातन बंद कर दिया है। इन नालों का पानी पंप के सहारे निकाला जा रहा है। वहीं भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल के पीरपैंती थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर गुरुवार को बाढ़ के पानी व तालाब में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में परशुरामपुर पंचायत के अठनिया निवासी अंग्रेज यादव के पुत्र राहुल कुमार (17), पीरपैंती बाजार निवासी मो मुस्ताक का पुत्र मो. कैफ (17) और मकरंदपुर निवासी उमाशंकर ठाकुर शामिल हैं।

इलाहाबाद से फरक्‍का तक बढ़ रहा गंगा का जलस्‍तर

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा में इलाहाबाद से लेकर फरक्का तक पानी लगातार बढ़ रहा है। बिहार में बक्सर, पटना, मुंगेर से लेकर भागलुपर के कहलगांव तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। पटना के दीघाघाट में गंगा का पानी प्रति घंटे एक सेमी बढ़ रहा है। गांधी घाट की भी यही स्थिति है। यहां जलस्तर रिकार्ड तोडऩे के करीब है। पटना के श्रीपालपुर में पुनपुन भी खतरनाक बनी हुई है। सोन का प्रवाह थोड़ा स्थिर जरूर हुआ है, लेकिन अभी भी मनेर में खतरे के निशान से 97 सेमी ऊपर बह रहा है। घाघरा में पानी अभी नियंत्रण में है, लेकिन शुक्रवार तक सिवान के दरौली और छपरा में 24 सेमी पानी बढऩे की आशंका व्यक्त की गई है।

गंडक और बूढ़ी गंडक में भी बाढ़

उधर, समस्तीपुर में गंगा, गंडक और बाया नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है। यहां गंगा में हर घंटे सात से 10 सेंटीमीटर पानी में बढ़ोतरी हो रही है। अब तक खतरे के निशान से लगभग एक मीटर, 90 सेेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंडक के तेवर में भी तल्खी आने के आसार हैं। मुजफ्फरपुर से वैशाली तक गंडक नदी के प्रवाह में तेजी से वृद्धि के आसार हैैं। बागमती का भी यही हाल है। नेपाल से निकलने वाली तमाम नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में यह नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बूढ़ी गंडक भी खगडिय़ा में लाल निशान से ऊपर है।

कमला बलान से रेलवे परिचालन पर खतरा

कमला बलान का पानी झंझारपुर रेल पुल के पास व जयनगर में तेजी से बढ़ रहा है। कोसी के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है। इधर पश्चिम चंपारण में मसान, हरहा, कापन, रघिया आदि बरसाती नदियों में उफान है। इनका पानी करीब एक दर्जन गांवों में कहर बरपा रहा है। गुरुवार की दोपहर तक गंडक बराज से 1.06 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पूर्वी चंपारण के सुगौली और बंजरिया इलाके में लालबकेया और सिकहरना का प्रकोप देखा जा रहा है। शिवहर में बागमती खतरे के निशान के ऊपर चली गई है। उधर कोसी, कमला, कमला बलान, धौंस दरभंगा और मधुबनी में कहर बरपा रही है। वहीं मौसम विभाग ने नेपाल स्थित नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताई है। अगर ऐसा हुआ तो उत्तर बिहार के कई नए इलाके में पानी प्रवेश कर सकता है।