बिहार में भूमि सर्वे से जुड़ी बड़ी खबर, 20 जिलों के लोग जरूर कर लें ये काम

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बिहार में भूमि सर्वेक्षण वाले 20 जिलों के रैयतों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए कर्मचारियों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब वे वंशावली एवं अन्य जरूरी दस्तावेज आनलाइन जमा कर सकते हैं। इसके लिए भू-अभिलेख और परिमाप निदेशालय ने अपने वेबसाइट (https://dlrs.bihar.gov.in) में रैयत द्वारा धारित भूमि की स्वघोषणा नाम से एक अलग लिंक दे दिया है। इस लिंक पर जमीन का ब्योरा और वंशावली अपलोड किया जा सकता है। जमीन के ब्योरा के लिए प्रपत्र-2 है। वंशावली को दो पृष्ठों के प्रपत्र में भरना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रवक्ता सह नोडल पदाधिकारी राजेश कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि ये दोनों कार्य महत्वपूर्ण हैं। दोनों जानकारी को शामिल किए बगैर सर्वे का काम आगे नहीं बढ़ सकता है।

पैतृक संपत्ति के लिए होती है रैयत वंशावली की जरूरत

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रैयत अपनी जमीन का रकबा और खाता-खेसरा की जानकारी इस लिंक पर अपलोड करेंगे। पैतृक संपत्ति की जानकारी के लिए रैयत वंशावली की जरुरत होती है। स्वघोषणा के जरिए रैयत अपने द्वारा धारित भूमि के बारे में सरकार को जानकारी देता है। सर्वेक्षण का काम शुरु होने पर अमीन द्वारा सबसे पहले इससे संबंधित जानकारी इकट्ठा की जाती है। आनलाइन की सुविधा मिलने से राज्य से बाहर रहने वालों को सहूलियत होगी। मालूम हो कि विभागीय मंत्री रामसूरत राय ने जुलाई में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में स्वघोषणा एवं वंशावली को आनलाइन करने का आदेश दिया था। भू-परिमाप के निदेशक जय सिंह ने कहा कि नई व्यवस्था से दस्तावेजों को सुरक्षित और संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

ऐसे अपलोड करें अपने दस्‍तावेज

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भू-अभिलेख और परिमाप के प्रोग्रामर कुणाल किशोर और प्रिंस कुमार ने बताया कि इस सुविधा में कोई भी रैयत तीन एमबी तक फाइल अपलोड कर सकता है। इसमें 10 पृष्ठ तक की सूचना आसानी से भेजी जा सकती है। प्रपत्रों के तीन पृष्ठों के अलावा सहायक दस्तावेजों को भी अपलोड किया जा सकता है। दोनों प्रपत्रों को पीडीएफ बनाकर एकसाथ ही अपलोड करना होगा। वेबसाइट पर जाकर फोन नंबर के साथ खुद को रजिस्टर करना पड़ेगा।

Input- Jagran

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