जन्माष्टमी पर बन रहा द्वापर युग जैसा अद्भुत संयोग, भूलकर भी ना करें आज ये 10 गलतियां

श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्टमी की शुभकामनाओं के साथ हम आपको आगे बता रहे हैं कि आज आपको कौन सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी हैं ।आज द्वापर युग जैसे अद्भुत संयोग बन रहे हैं ।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इस साल अद्भुत संयोग बन रहा है, ये बिलकुल द्वापर युग जैसा है । श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में मध्य रात्रि को हुआ था, इस वर्ष भी जन्माष्टमी पर ऐसा ही संयोग बन रहा है । इस वर्ष जन्माष्टमी आज यानी सोमवार, 30 अगस्त को मनाई जाएगी । श्रद्धालु ध्‍यान रखें, जन्माष्टमी पर आपको कुछ चीजें करने की बिलकुल मनाही होती है, भूल से भी ये गलतियां कर आप अपने आराध्‍य को नाराज नहीं करना चाहेंगे ।

श्रीकृष्‍ण के पृष्‍ठ भाग के दर्शन

आज के दिन भगवान श्री हरि की पीठ के दर्शन नहीं करने चाहिए, ऐसा करने से पुण्य कर्म का प्रभाव कम होता है और अधर्म बढ़ता है । अपने आराध्‍य के दर्शन मुख से करें ।
मध्‍यरात्रि से पहले ना खोले व्रत
वो लोग जो आज व्रत रखते हैं उन्‍हें मध्‍य रात्रि यानी 12 बजे से पहले अपना व्रत नहीं खोलना चाहिए ।

तुलसी के पत्‍ते ना तोड़े

जन्माष्टमी के दिन गलती से भी तुलसी के पत्तों को हाथ ना लगाएं । माना जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए उनके अवतार के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना शुभ नहीं होता ।

चावल ना खाएं

जो लोग जन्माष्टमी का व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें आज के दिन चावल नहीं खाना चाहिए ।
प्‍याज-लहसुन से दूर रहें
श्रीकृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के दिन लहसुन, प्याज या ऐसी कोई भी तामसिक वस्‍तु नहीं खानी चाहिए । वैष्‍णव पंथ में ये सब वर्जित है ।

गाय पर अत्‍याचार ना करें

आज के दिन ही नहीं गौ माता पर सदैव प्रेम लुटाएं । ये भगवान की प्रिय हैं । कान्हा ग्‍वाले भी तो कहे जाते हैं, जो भी गाय की पूजा करता है उसे श्री कृष्ण का आशीर्वाद जरूर मिलता है ।

अपमान, अनादर ना करें


कृष्ण जन्माष्टमी के दिन किसी का भी अनादर ना करें, अमीर या गरीब सभी भगवान के लिए एकसमान हैं ।
पेड़ ना काटें
पेड़ों को काटना अशुभ माना जाता है, श्री कृष्ण प्रकृति में बसते हैं । इस दिन ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए।
ब्रहमचर्य का पालन करें
जन्माष्टमी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना आवयश्‍क है । पवित्र मन-तन से भगवान की पूजा में दिन बिताएं ।
सात्‍विक भोजन करें और दान करें
इस दिन सात्‍विक भोजन खाएं, व्रत नहीं भी रखते हैं फिर भी ईश्‍वर की

कृष्‍ण के तो नाम जप से ही आपको बैकुंठ की प्रप्ति हो सकती है । इस दिन मंदिर को बिना दिया जलाए ना छोड़ें ।