फिलहाल खतरा टला:खतरे से केवल 25 सेंटीमीटर ऊपर रह गया बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर, बागमती 43 सेंटीमीटर ऊपर रहकर हुई स्थिर

  • घटने के बाद शांत हुआ बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर, दिखने लगी नदी में भूमि।
  • घटने के बाद शांत हुआ बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर, दिखने लगी नदी में भूमि।

अगस्त-सितंबर माह में सावन व भादो की बारिश में बूढ़ी गंडक नदी के दोबारा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है

जिला से होकर बहने वाली बूढ़ी गंडक नदी अब समस्तीपुर में खतरे के निशान के केवल 25 सेंटीमीटर ऊपर रह गई है। इसका जलस्तर बीते दस दिनों से लगातार घट रहा है। वहीं रोसड़ा में भी यह नदी खतरे के निशान से 1.53 मीटर ऊपर रह गई है। बूढ़ी गंडक नदी के लगातार कम होते जलस्तर से नदी की पेटी, बीसफुटिया व आसपास रहने वाली आबादी को काफी राहत मिली है। लोगों के ऊपर से बाढ़ का डर फिलहाल टल गया है। हालांकि अभी अगस्त व सितंबर माह में सावन व भादो की बारिश में इसके दोबारा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बागमती नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से केवल 43 सेंटीमीटर ऊपर रह गई है। जिससे जिला के कल्याणपुर प्रखंड क्षेत्र लोगों की परेशानी कम हुई है। बताया जाता है कि नदी के लगातार कम होने के बीच प्रशासन की ओर से कटाव की किसी समस्या से निपटने के लिए बांधों की लगातार निगरानी कराई जा रही है। नदी घटने से कई जगह नदी के बीच जमीन दिखने लगी है।

खतरे से 70 सेमी नीचे पहुंचकर रूकी गंगा नदी
इधर, मोहनपुर व मोहिउद्दीननगर क्षेत्र से होकर बहने वाली गंगा नदी बीते एक सप्ताह से लगातार बढ़ने के बाद बीते 24 घट रहा जलस्तर, हो रही बांधों की निगरानी
^बूढ़ी गंडक नदी लगातार घट रही है। यह समस्तीपुर में 25 सेमी व रोसड़ा में डेढ़ मीटर ऊपर रह गया है। इससे फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। नदी के कटाव को लेकर बांधों की दिनरात निगरानी की जा रही है। बांध नदी के दोनों ओर सुरक्षित है।
अरूण प्रसाद, ईई, बाढ़ नियंत्रण, समस्तीपुर प्रमंडल