समस्तीपुर -राम जानकी मंदिर बघला की 65 एकड़ जमीन जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंच गए दो सौ महादलित परिवार

समस्तीपुर। चकमेहसी थाना क्षेत्र के राम जानकी मंदिर बघला की 65 एकड़ जमीन पर कई वर्षो से चल रही लड़ाई के बीच मंगलवार को 200 महादलित परिवारों ने बांस- बल्ला लगाकर जमीन पर कब्जा करने के लिए पहुंच गए। जिसको लेकर दोनों पक्षों में तनाव उत्पन्न हो गया। सूचना पर प्रभारी सीओ संतोष कुमार श्रीवास्तव और चकमेहसी थानाध्यक्ष चंद्रकिशोर टुडू के नेतृत्व में जिला से आयी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मामले को नियंत्रित करने के लिए लोगों से बातचीत की।

मिली जानकारी के अनुसार राम जानकी मंदिर बघला की कुल 210 एकड़ जमीन में से 65 एकड़ जमीन पर वर्षो से महादलित परिवार के लोगों के बीच विवाद चल रहा है। विवाद को लेकर राजू सदा, विजय पासवान, अजय राम आदि ने बताया की लोगों को वर्षो पूर्व उक्त जमीन का बासगीत पर्चा मिल चुका है। लेकिन जमीन पर प्रशासन ने कब्जा नहीं दिलाया है। जबकि जमीन का रसीद आज तक उन लोगों के नाम से अंचल कार्यालय से कट रहा है। जमीन पर कब्जा को लेकर कई बार कोशिश के बावजूद नही हुआ है। जबकि वर्ष 2004 में हमलोगों ने उक्त भूमि पर जब घर बनाया, तब महंत अजीतेश्वर दास के लोगों द्वारा वहां से भगा दिया गया और गोलीबारी भी की गई थी। जिसमें नुनु पासवान की पत्नी मीता देवी की मौत गोली लगने से हो गई थी वहीं कई लोग घायल हुए थे। वही लखींद्र पासवान ने बताया की महंत ने प्रशासन को मिलाकर मामले को दबा दिया। इधर महंत के द्वारा उक्त भूमि पर अवैध मिट्टी कटाई कर मिट्टी बेच कर गड्ढा किया जा रहा है। इसी को लेकर मंगलवार को हमलोगों ने जमीन पर कब्जा करने को लेकर घर बनाने के लिए पहुंच गए है। मामले को लेकर प्रभारी सीओ संतोष कुमार श्रीवास्तव ने महादलित परिवार के लोगों को आश्वासन दिया की शनिवार को चकमेहसी थाना परिसर में जिला प्रशासन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मामले का निपटारा किया जायेगा। तब तक जमीन पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर रोक रहेगी। इधर, सीओ के आश्वासन के बावजूद महादलित परिवार के लोग उक्त स्थल पर जमे है।महादलित परिवार के अजीत राम, सकिद्र राम,विनोद पासवान,विजय पासवान,राजू सदा, दिनेश मल्लिक आदि लोगों ने प्रशासन से अविलंब जमीन पर कब्जा दिलाने की मांग की है। अन्यथा जमीन पर से नही हटने की चेतावनी दी है। इधर, दूसरे पक्ष मंदिर के महंत अजीतेश्वर दास ने बताया कि वर्ष 2002 में ही जिला उपसमाहर्ता के द्वारा सभी बासगीत पर्चा निरस्त कर दिया गया था। लोग जानबूझ कर विवाद खड़ा कर रहे है। दोनों पक्षों में तनाव को देखते हुए थानाध्यक्ष चंद्रकिशोर टुडू पुलिस बल के साथ कैंप कर रहे हैं।