समस्तीपुर-पेट्रोल पंप पर प्रति लीटर 25 से 100 एमएल होती है घटमापी

समस्तीपुर। एक ओर पेट्रोल डीजल की कीमत आसमान छू रही है। वही दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक द्वारा की जा रही घटमापी वाहन चालकों को जले पर नमक छिड़कने के समान है। बताते चलें कि पेट्रोल की कीमत 100 के पार पहुंच चुका है और डीजल भी महज इससे सात रुपये के करीब कम है। यह वाहन चालकों के जेब पर भारी पड़ रहा है। वाहन चालकों की मानें तो प्रत्येक पंप पर निर्धारित मात्रा से कम ही पेट्रोल या डीजल दिया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रोसड़ा अनुमंडल क्षेत्र में प्रति लीटर 25 एमएल से 100 एमएल तक कम तेल दिया जाता है। किसी पेट्रोल पंप पर एक लीटर की जगह 900 मिलीलीटर तो कहीं 950 कहीं-कहीं 975 एमएल दिए जाने की सूचना प्राप्त हई है। बोतल या डब्बा में तेल लेने आए ग्राहकों से जगह- जगह तू-तू ,मैं- मैं होते भी देखा जाता है। जानकारों की मानें तो पेट्रोल पंप पर मशीन में लगे मीटर के सेटिग में ही हेराफेरी का सिस्टम है और तेल देने के समय मशीन का मीटर पूरा 1 लीटर शो करता है। लेकिन तेल उससे कम ही निकलता है। हालांकि संबंधित तेल कंपनी द्वारा पारदर्शिता बरतने की नसीहत अवश्य दी जाती है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक पेट्रोल पंप पर गुणवत्ता एवं मापी की जांच करने संबंधित टूल्स उपलब्ध रखना है। नियमानुसार किसी भी व्यक्ति को उक्त टूल्स के माध्यम से संतुष्ट भी करना है। लेकिन क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर इस तरह की व्यवस्था नगण्य है। माप तौल विभाग से प्रमाणित केन से होती है जांच

बताते चलें कि प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निर्धारित मात्रा की जांच के लिए माप तौल विभाग से प्रमाणित 5 लीटर का केन या डब्बा उपलब्ध रहता है। जिस पर विभाग का मुहर भी लगा रहता है। किसी भी ग्राहक की शिकायत पर पंप संचालक द्वारा उक्त केंद्र के माध्यम से ही संतुष्ट करने की व्यवस्था है। लेकिन लोगों की माने तो यह व्यवस्था कहीं भी लागू नहीं है। दूसरी ओर तेल कंपनी के सेल्स मैनेजर द्वारा भी प्रत्येक तीन माह पर जांच की जानी है। चर्चाओं की मानें तो यह भी महज एक खानापूर्ति ही है। पेट्रोल पंप के संचालक अपने आप को पाक साफ बताते हैं वही मापतौल निरीक्षक भी सीधे तौर पर क्लीन चिट ही दे रहे हैं, लेकिन आम वाहन चालक आज भी अधिकांश पेट्रोल पंप पर घटमापी का दावा कर रहे हैं। कहते हैं उपभोक्ता

प्रत्येक पेट्रोल पंप पर निश्चित रूप से निर्धारित माप से कम तेल दिया जाता है। कहीं कम तो कहीं ज्यादा गड़बड़ी की जाती है। शिकायत के बावजूद किसी प्रकार का सुधार नहीं दिखता है।

मदन मोहन झा रोसड़ा अलग-अलग पेट्रोल पंप पर तेल लेने पर वाहन के माइलेज में अंतर हो जाता है। जिससे स्पष्ट है कि पंप पर निश्चित रूप से घटमापी की जाती है। वर्तमान में तेल का दाम आसमान छू रहा है। उस पर से घटमापी जेब पर भारी पड़ रहा है।

विनय कुमार ,भिरहा कहते हैं पेट्रोल पंप संचालक

पेट्रोल पंप पर शुद्ध मापी दी जाती है। गुणवत्ता एवं माप तौल की जांच के लिए पंप पर सभी टूल्स उपलब्ध है। कई बार शिकायत करने पर तेल लेने आए ग्राहकों को संतुष्ट भी किया गया है ।

जितेंद्र कुमार ,

संचालक,जेके इंटरप्राइजेज टेकुनामठ पेट्रोल पंप पर नियमित जांच की जाती है। तेल कंपनी के सेल्स मैनेजर प्रत्येक तीन माह पर आकर गुणवत्ता एवं मापी की जांच करते हैं। 4 माह पूर्व मापतौल निरीक्षक द्वारा भी मापी की जांच की गई थी।

राजेश पासवान

प्रबंधक, मंजू हजारी फ्युल सेंटर, ढ़रहा कहते हैं अधिकारी

अगस्त 2020 में योगदान के बाद से उनके द्वारा अब तक अनुमंडल क्षेत्र में 30 पेट्रोल पंप की जांच की गई है। कहीं भी माप में गड़बड़ी नहीं पाई गई है। आज भी सिधिया स्थित भगवती फ्यूल्स नामक पंप की जांच की गई है। यहां भी सब कुछ सही पाया गया है ।

शशि भूषण कुमार

माप तौल निरीक्षक ,रोसड़ा

News Input-Jagran