डाकिया बनेंगे बाबा के दूत, घर-घर पहुंचाएंगे प्रभु बैद्यनाथ का प्रसाद

भारतीय डाक विभाग की अपनी विश्वसनीयता है। एक जमाने में लोग चि_ी की आस लगाकर डाकिया का इंतजार करते थे, वे स्मृतियां विस्मृत नहीं हो सकतीं। बेशक जमाना बदला है, मगर डाक विभाग की सेवा बरकरार है। देवघर के प्रधान डाकघर ने इसी कड़ी में एक नायाब प्रयोग किया है। देशभर के डाकघर में देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम का प्रसाद पहुंचेगा। डाकिया बाबा के दूत बनकर घर घर प्रभु का प्रसाद पहुंचाएंगे।

दरअसल, देवघर झारखंड का एकमात्र शहर है, जो बाबा मंदिर के कारण अंतरराष्ट्रीय फलक पर है। यहां द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा बैद्यनाथ मंदिर है। एशिया का सबसे बड़ा धार्मिक श्रावणी मेला यहीं लगता है। यहां के पेड़ा की ख्याति प्रसाद के रूप में है। आप देवघर आएं और प्रसाद में पेड़ा नहीं ले जाएं, यह तो हो ही नहीं सकता।

मगर कोरोना काल है। इस कारण भक्त देवघर नहीं आ सकते। तब क्या करें, बाबा की भक्ति रखने वाले भक्तों को प्रसाद मंगाना है तो उनको आने की दरकार नहीं रहेगी। अपने नजदीक के डाकघर में जाएं, वहां वे प्रधान डाकघर देवघर के डाकपाल के नाम मनी आर्डर भेज दें। वह भी बहुत किफायती है। पांच सौ एक रुपये में पांच सौ ग्राम और दो सौ इक्यावन रुपये के मनी आर्डर में दो सौ ग्राम प्रसाद का पैकेट आपके घर तक पहुंंच जाएगा।

मनी आर्डर होते ही डाक विभाग प्रसाद की व्यवस्था कर निर्धारित पते पर पहुंचा देगा। निर्धारित राशि में प्रसाद को पहुंचाने के मद में स्पीड पोस्ट शुल्क भी जोड़ा गया है। सोमवार को प्रसाद के पहले दो पैकेट पोस्ट किए जाएंगे। दो भक्तों ने प्रसाद कि लिए मनी आर्डर भेजा है। शुक्रवार को प्रधान डाकघर देवघर से बैद्यनाथ धाम प्रसाद योजना की शुरुआत की गई। प्रमंडलीय डाक अधीक्षक विमल किशोर ने बताया कि यहां के पोस्ट शापी सेंटर से देश के किसी भी कोने में प्रसाद भेजा जा सकेगा। घर बैठे दुनियां के किसी भी कोने में स्पीड पोस्ट से प्रसाद मंगवा सकते हैं। आपको डाकपाल बी. देवघर के पदनाम पर ई मनीआर्डर भेजना होगा। भारतीय डाक विभाग एवं मेसर्स पंचमुखी कंपनी के संयुक्त प्रयास से यह योजना शुरू की गई है।

पेड़ा, बेल पत्र के साथ शिवलिंग की तस्वीर होगी प्रसाद के पैकेट में

भोलेनाथ को बेल पत्र बेहद प्रिय है। इसलिए प्रसाद के पैकेट में यह भी मौजूद रहेगा। प्रसाद में पेड़ा, इलायची दाना, ङ्क्षसदूर, भभूत, विल्व पत्र के साथ बाबा बैद्यनाथ शिवङ्क्षलग की तस्वीर भी भेजी जाएगी।

Input: Dainik jagran