समस्तीपुर-न सड़क निर्माण हुआ,न प्रतिमा की स्थापना आज हैं शहीद अमन की प्रथम पूण्यतिथि

गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के सुलतानपुर निवासी अमन कुमार सिंह की 16 जून 2020 को शहादत हुई थी। उन्हें शहीद हुए पूरे एक वर्ष हो चुके हैं। लेकिन अब तक उनकी प्रतिमा का निर्माण पूरा नही हो पाया। शहीद होने के बाद गांव के ही हाई स्कूल में प्रतिमा स्थापना के लिए बड़े जोर शोर से चबूतरा का निर्माण शुरू किया था। लेकिन स्थिति यह है कि अब तक उसका भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। स्कूल में जमीन के विवाद को लेकर चबूतरा का निर्माण भी रूका हुआ है। शहीद अमन की पहली बरसी पर प्रतिमा निर्माण नही होने से खासकर युवाओं में नाराजगी देखी जा रही है।

आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ

अमन की शहादत के बाद उसके मुख्य सड़क से उसके घर तक जाने वाली सड़क का भी निर्माण कराने की घोषणा की गयी थी जो अब तक अधूरी ही है। गौरतलब है कि अमन की शहादत के बाद श्रद्धांजलि देने के लिए आये लोगों को मुख्य सड़क से उतरने के बाद अमन के घर तक जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा था। तब सरकार की ओर से शहीद अमन के नाम पर सउ़क का निर्माण कराने की घोषणा की गयी थी। लेकिन आज तक उक्त घोषणा भी अधूरी ही है। सड़क के लिए शहीद का परिवार तरस रहा है। मेन रोड से शहीद के घर तक जाना आज भी चुनौती बनी हुई है। शहीद अमन के पिता सुधीर सिंह ने बताया कि अमन को श्रद्धांजलि व पुष्पांजलि देने के लिए आये कई मंत्री व पदाधिकारियो ने सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। बावजूद आजतक सड़क नही बनी।

पूर्व विधानसभा प्रत्याशी किसान नेता राम मोहन राय अमर शहीद अमन सिंह जी के आवास सुलतानपुर पहुंचे उनके पिता सुधीर सिंह जी से मिले।16 जून को शहीद अमन कुमार सिंह जी का प्रथम पुण्यतिथि है। क्षेत्र के कई जगह से तिरंगा यात्रा निकलेगा शहीद अमन कुमार सिंह के आवास पर लोग पहुंचेंगे लेकिन दुख की बात है उनके घर तक जाने के लिए आज भी आज तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है पिछले साल सांसद सह गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा था कि अगले 6 महीना के अंदर सड़क बन जाएगा लेकिन 1 साल गुजर गया।

मौके पर किसान नेता राम मोहन राय बोले शहीद अमन कुमार सिंह के परिवारों के साथ सांसद महोदय को ऐसा झूठा वादा नहीं करना चाहिए था साथ में समाजसेवी राहुल कुमार सिंह,मुकेश कुमार चौहान,प्रमोद कुमार,संतोष सहि कई लोग उपस्थित रहे।

बढ़ा युवाओं में जज्बा, 10 की हुई सेना में बहाली

सुलतानपुर प्रखंड का ऐसा गांव है जहां के पांच दर्जन से अधिक लोग आज भी सेना की नौकरी कर देश सेवा में लगे हुए हैं। लेकिन अमन की शहादत के बाद युवाओं में देश प्रेम का जज्बा जग गया। एक वर्ष के अंदर पंचायत के 10 युवाओं की सेना में बहाली हुई। जिसमें अमन का भाई रोहित, प्रीतम कुमार, अभिषेक कुमार, केशरीनंदन सिंह, नीरज सिंह, राजेश कुमार, सुबोध कुमार, कुणाल कुमार, रणवीर कुमार व अर्द्धसैनिक बल में जाने वाली शबनम कुमारी शामिल है। जबकि ब्रजेश कुमार, सोनू कुमार, शिवम कुमार, मनीष कुमार, रोहन कुमार, अंकित कुमार, राजेश कुमार जैसे सैंकड़ों युवक सेना की बहाली की तैयारी में लगे हुए हैं।

पत्नी को राज्य सरकार ने व भाई को केन्द्र ने दी नौकरी

अमन की शहादत के एक माह के भीतर ही विधवा मीनू कुमारी को बिहार सरकार ने नौकरी दी। जबकि केन्द्र सरकार ने शहीद के छोटे भाई रोहित को सेना में नौकरी दी। रोहित को भी बिहार रेजिमेंट मिला है। जबकि पत्नी मीनू प्रखंड सह अंचल कार्यालय मोहिउद्दीननगर में लिपिक के पद पर है।

अमन की तरह ही करूंगा देश की सेवा: रोहित

भाई की शहादत के बाद ेना की नौकरी पाने वाले रोहित ने कहा कि भाई की शहादत से उसे प्रेरणा मिली है। वह भी अमन की तरह की अपने पराक्रम व शौर्य के साथ देश की सेवा करने को इच्छुक है। उसने कहा कि मेरे भाई अमन ने जिस जोश के साथ गलवान घाटी में चीनी सेना को घूटना टकने को मजबूर किया था, सीमा पर उसी तरह का हाल दुश्मन देश की सेना का करने को तत्पर हूं।

सिर्फ हमने नहीं पूरे देश ने खोया अमन जैसा वीर लाल

सिर्फ हमने नहीं बल्कि पूरे देश ने अमन जैसा वीर लाल खोया। मुझे फक्र है कि मेरा संतान देश की रक्षा के लिए शहीद हुआ। गम सिर्फ इस बात का हैकि देश सेवा का उसे कम मौका मिला।

शहीद के पिता सुधीर सिंह व माता रेणु देवी

आज भी सताती रहती है अमन की याद: मीनू

पति अमन की आज भी याद सताती रहती है। वैसे उन्हें खोने के बाद पूरा परिवार सदमे में है। उनकी वीरता को नमन करती हूं।

शहीद अमन की मीनू कुमारी