समस्तीपुर-रोसड़ा में बूढ़ी गंडक ने खतरा के निशान को पार किया..

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लगातार हो रही बारिश के बीच बूढ़ी गंडक रोसड़ा में खतरे के निशान को पार कर गई है। शनिवार को नदी का जल स्तर लाल निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगी है। नदी द्वारा खतरे की घंटी बजाते ही क्षेत्र में बाढ़ की आशंका मँडराने लगी है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल रोसड़ा से मिली जानकारी के अनुसार नदी के जलस्तर में प्रत्येक घंटे 1 सेंटीमीटर की वृद्धि हो रही है। दोपहर बाद तक नदी का जलस्तर 42.88 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि कार्यपालक अभियंता ने अभी किसी प्रकार का खतरा नहीं बताते हुए तटबंध को वर्तमान में पूरी तरह सुरक्षित बताया है। बरसात के दौरान हुए रेन कटिग पर लगातार कार्य जारी रहने के साथ-साथ किसी भी विषम परिस्थिति के लिए बालू और मिट्टी भरा बैग भी पर्याप्त मात्रा में रखने की जानकारी दी है। उन्होंने तटबंध को पूर्णत: सुरक्षित रहना बताते हुए कहा कि सतत निगरानी रखी जा रही है। बढ़ रहा नून नदी का जलस्तर, मंडराने लगा बाढ़ का खतरा मोरवा। विगत कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नून नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे चकपहार पंचायत में संभावित बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बता दें कि प्रखंड के गुनाई बसही पंचायत के बाद नून नदी के दोनों किनारों पर बांध नहीं है। जिस कारण से नून नदी के आसपास के गांवों में वर्षा का पानी और नदी का पानी लबालब भरा हुआ है। कई दिनों से लगातार भारी बारिश के कारण चारों ओर का पानी नदी में जाने तथा नून नदी में पहले से भरे हुए पानी के कारण नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। यदि इसी प्रकार बारिश जारी रही तो नदी का पानी फिर से चकपहार पंचायत में फैल कर बाढ़ की स्थिति उत्पन्न कर सकता है। जबकि रजवाड़ा और चकपहार के बीच स्थित चौर में अधिक पानी भर जाने के कारण मकई की फसल डूबकर बर्बाद होने से किसान चितित हैं।

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