बिहार की बेटी साक्षी अग्रवाल ने दर्ज करवाया इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपने नाम

Advertisement

अगर कुछ हासिल करने की ठान लो, तुम मंजिल दूर नहीं होती। कुछ भी हासिल करना हो तो बस जरूरी है मेहनत और लगन। बालूघाट निवासी गोपाल अग्रवाल की बेटी साक्षी अग्रवाल जोकि केवल 18 वर्ष की है इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा कर मुजफ्फरपुर का नाम रोशन किया।

Advertisement

साक्षी को कई वर्षों से लिखने और पढ़ने का शौक है। उन्होंने दो किताबें लिखी है। हाल ही मैं उनके एक प्रोजेक्ट को काफी पसंद किया गया और उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रकॉर्ड्स से नवाजा गया।

प्रोजेक्ट में साक्षी ने पालिद्रोम पोएट्री पर अच्छी खासी रिसर्च की और फिर पूरे देश से 51 लेखकों को इसके बारे में समझाया और उनसे लिखवाया। फिर सभी कविताओं को एक किताब का रूप दिया और नाम रखा ‘rejoicing लाइफ”।

Advertisement

इस किताब से ये साबित हुआ कि सम्पूर्ण जगत में आज तक ऐसी पुस्तक नहीं आयी जिसमें केवल पलिंड्रोम पोएट्री हो। इसमें साक्षी का पूरा साथ उनकी मित्र और इंस्पिरेशन रूबल चौधरी ने दिया। साथ ही रिया रश्मि दास ने भी मदद की। साक्षी अग्रवाल को पहले भी ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, ब्रावो बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, इंडियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, स्टार इंटरनेशनल रिकॉर्ड, इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड्स,रेक्स करमवीर चक्र से नवाजा गया।

साथ ही साक्षी समाज सेवा की तरफ काफी ज्यादा जागृत है। उनकी संस्थान शिवाय फाउंडेशन की तरफ से तीन महीने से वो गरीब बच्चों और परिवारों की मदद कर रही है। साक्षी के पिता गोपाल अग्रवाल और उनकी माता पर्मिला देवी उसकी इस कामयाबी पे काफी ख़ुश नजर आए। उनका कहना है, कि हमें अपनी बच्ची पर बहुत गर्व है। इसने ना सिर्फ अपने पंखों को पहचाना, बल्कि काफी ऊंची उड़ान भरी। बहुत खुशी होती है जब हमारे बच्चे छोटी सी उम्र में कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने लगते।

Advertisement
Advertisement