भारतीय नौसेना का सबसे पुराना हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण जहाज आईएनएस संधायक कार्यमुक्त

भारतीय नौसेना के सबसे पुराने हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण पोत आईएनएस संधायक को शुक्रवार, दिनांक 04 जून 2021 को 40 गौरवशाली वर्षों तक राष्ट्र की सेवा करने के बाद विशाखापट्टनम के नौसेना डॉकयार्ड में कार्यमुक्त कर दिया गया। समारोह के मुख्य अतिथि ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, एवीएसएम, वीएसएम की उपस्थिति में एक सादे समारोह में राष्ट्रीय ध्वज, नौसेना एनसाइन एवं डिकमीशनिंग पेनेंट को सूर्यास्त के समय झुकाकर कार्यमुक्त कर दिया गया। इस कार्यमुक्त समारोह में भारत सरकार के प्रमुख हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल विनय बधवार, एवीएसएम, एनएम तथा सेवारत हाइड्रोग्राफर, आउटस्टेशन चालक दल के पूर्व सदस्यों तथा पूर्व सैनिक आभासी तरीके से लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।

भारतीय नौसेना में अपनी 40 वर्षों की शानदार सेवा के दौरान आईएनएस संधायक ने भारतीय प्रायद्वीप के पश्चिमी और पूर्वी तटों, अंडमान सागर तथा श्रीलंका, म्यांमार और बांग्लादेश समेत पड़ोसी देशों में 200 प्रमुख हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण किए। यह जहाज 1987 में श्रीलंका में भारतीय शांति सेना की सहायता वाले ऑपेरशन पवन जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों में सक्रिय भागीदार रहा है, जैसे ऑपेरशन सारंग, ऑपेरशन रेनबो जिसमें 2004 की सुनामी के बाद मानवीय सहायता प्रदान की गई और 2019 में प्रथम संयुक्त भारत-अमेरिका मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास ‘टाइगर-ट्रायंफ’ में भागीदारी की है।