दरभंगा एयरपोर्ट विस्तार को भारतीय वायु सेना की हरी झंडी, NOC से खुला भूमि अधिग्रहण का रास्ता

भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) ने बिहार सरकार को अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है. इसी के साथ बिहार सरकार को अब दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार कर सकेगी. इसकी जानकारी देते हुए मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने एयरपोर्ट पर मौजूदा बुनियादी ढांचे को और भी बेहतर करने के लिए वायु सेना से 2.43 एकड़ भूमि की मांग की थी. हमें खुशी है कि दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए इंडियन एयरफोर्स से एनओसी मिल गई है. उन्होंने कहा कि NOC मिल जाने के साथ ही राज्य सरकार अब जल्द आवश्यक भूमि का अधिग्रहण करेगी, ताकि यहां टर्मिनल भवन और जरूरी सुविधाओं का निर्माण कराया जा सके.

बता दें कि एयरपोर्ट के विस्तार की मांग लगातार की जा रही थी. विस्तार की मांग और एयरपोर्ट के साथ ही पूरे परिसह में सुविधा बढ़ाने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को भी पत्र लिख चुके हैं. बता दें कि बीते वर्ष आठ नम्बर से दरभंगा एयरपोर्ट की शुरुआत हुई थी. जिसके बाद से लगतार यात्रियों की आवाजाही का रिकॉड बनता गया. हर दिन नये कीर्तिमान बन रहे हैं. हाल ये है कि वर्तमान में दरभंगा एयरपोर्ट उड़ान सेवा के तहत शरू होने वाले एयरपोर्ट में नम्बर वन पर काबिज हो गया.

दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार में बाधक बने जमीन अधिग्रहण का पेंच भी अब सुलझ गया है. अभी जहां एयरपोर्ट है अब वहां जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से हो पाएगा. ऐसे में बड़े टर्मिनल के साथ यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. बता दें कि कई बार जमीन के लिये राज्य सरकार ने रुपये उपलब्ध करवाये पर जमीन अधिग्रहण नहीं हो सकी थी।

गौरतलब है कि दरभंगा एयरपोर्ट पर अभी तत्काल छोटा टर्मिनल बना है जिसकी क्षमता फिलहाल लगभग 200 यात्रियों की है. बता दें कि दरभंगा एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता के लिए स्पाइसजेट (Spice jet ) की उड़ानें उपलब्ध हैं. वहीं 5 जुलाई से इंडिगो एयरलाइंस हैदराबाद और कोलकाता के लिए उड़ानें शुरू करने वाली हैं.

वहीं, दरभंगा एयरपोर्ट पर मिल रही व्यावसायिक सफलता से उत्साहित कई अन्य विमान कम्पनियां भी यहां से उड़ान भरने को लेकर प्रयासरत हैं. इसको देखते हुए जल्द ही यात्री सुविधाओं के साथ साथ बड़े स्थायी टर्मिनल बनाने की दिशा में कार्य किये जाएंगे. इससे मौजूदा सुविधाओं पर अधिक दबाव पड़ने की संभावना है.

Input- News 18