बारिश थमने के बावजूद खतरे के निशान के पार पहुंची गंडक और बूढ़ी गंडक, डीएम ने दिए ये निर्देश

नेपाल व उत्तर बिहार में दो दिन बारिश थमने के बावजूद जिले में गंडक व बूढ़ी गंडक के जलस्तर में चढ़ाव जारी है। संकट की बात यह है कि मौसम विभाग ने फिर अगले तीन दिन नेपाल व उत्तर बिहार में बारिश की संभावना जतायी है। यदि पूर्वानुमान के अनुसार अगले तीन दिन बारिश होती है तो मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के सभी जिलों के नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा, जिससे बाढ़ पीड़ितों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

दो दिन नेपाल व पश्चिम चंपारण में बारिश थमने के बावजूद जिले में बहने वाली गंडक नदी का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान को पार कर गया। पारू व साहेबगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से आठ सेमी ऊपर चला गया। वहीं सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 66 सेमी की बढ़ोत्तरी हुई। बूढ़ी गंडक का जलस्तर और बढ़ रहा है। हालांकि बागमती नदी में कटौझा में शनिवार को पांच सेमी की गिरावट दर्ज की गई है।

फिलहाल यह सभी स्थिति शनिवार की है और मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना जतायी है। यदि नेपाल व उत्तर बिहार में तीन दिन बारिश होती है तो नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा। इससे गंडक पारू व साहेबगंज में तो तबाही मचा ही रही है, बूढ़ी गंडक मोतीपुर व मीनापुर में संकट पैदा कर सकता है क्योंकि मोतीपुर के अंजना कोट व मीनापुर के धमौली पंचायत में कटाव शुरू हो गया है।

उधर डीएम के निर्देश पर शनिवार को साहेबगंज व पारू के अंचलाधिकारियों ने नदी का जायजा तो लिया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार डीएम के आने के दिन पॉलीथीन शीट देने के बाद वे सुधि लेना भूल गए। डीएम ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को कटाव रोधी काम शुरू करने और सभी संवेदनशील स्थलों की निगरानी का निर्देश दिया है।

नदी खतरे का निशान जलस्तर
गंडक 54.41 54.49
बूढ़ी गंडक 52.23 50.23
बागमती 55.23 53.25