उत्तर बिहार में आज शाम तक होगी मध्यम से भारी वर्षा

समस्तीपुर । उत्तर बिहार में शनिवार की संध्या तक मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान 12 से 22 किलोमीटर की रफ्तार से पुरबा हवा चलेगी। डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार (यास) चक्रवात के कारण बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने कम दबाव का क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर बिहार के जिलों में तेज हवा के साथ मध्यम से भारी वर्षा होगी। वही शनिवार की रात्रि से वर्षा में कमी आएगी। उसके बाद मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विज्ञानी डॉ. ए सत्तार का बताना है कि विगत दो दिनों में 88 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इससे अधिकतम तापमान में काफी गिरावट आई। मौसम विभाग के द्वारा शुक्रवार को अधिकतम तापमान 24.5 एवं न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान में सामान्य से 12.5 डिग्री सेल्सियस कम है वहीं अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस कम रिकॉर्ड किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 2 जून तक पूर्वा हवा चलने की संभावना जतायी है।किसानों को सुझाव विज्ञानियों ने किसानों से खेतों में हुए जलजमाव के निकास की उचित व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही पिछात बुवाई की गई एवं उड़द की फसल में पीला मोजेक रोग की निगरानी करने को कहा है। इस रोग से बचाव के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल 0.3 मिली लीटर प्रति लीटर पानी की दर से मिलाकर छिड़काव की सलाह दी है।

धान का बिचड़ा गिराने का करें कार्य

लंबी अवधि वाले धान की किस्में जैसे राजश्री राजेंद्र श्वेता स्वर्णा स्वर्णा सब एक, सत्यम एवं किशोरी की नर्सरी गिराने का काम वर्षा के बाद प्रारंभ करें। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपाई हेतु 800 से 1000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बीज गिरा में।

अरहर व मूंगफली बुआई का समय आया

लीची तोड़ने के बाद लीची के बगीचे को समय साफ होने के उपरांत अच्छी तरह जुताई करें। वही क्षेत्र के अनुसार मक्के अरहर मूंगफली की बुवाई करने का समय भी आ गया है। नेपियर हरा चारा की करें बुआई

सालों भर चलने वाला नेपियर हरा चारा की बुवाई भी आगे की जा सकती है। धान फसल की सीधी बुवाई के लिए उपयुक्त समय जून के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ होता है किसान उसकी तैयारी करें इससे खर्च एवं समय दोनों की बचत होती है।

मछली के जीरे गिराएं किसान

मौसम साफ के उपरांत फलदार वृक्ष एवं मत्स्य पालकों के लिए यह वर्षा काफ लाभदायक है मत्स्य पालक अपने तालाब में मछली के जीरे गिरा सकते हैं।