”नेताओं को यहीं जला देना चाहिए”:व्यवस्था से गुस्साए पूर्व MP पप्पू यादव घाटों पर जलती लाशें गिन रहे;

मौत पर मौत…अस्पताल के बाद श्मशान में भी लाश का गिंजन (दुर्गति) है…यह कहना है बिहार के मधेपुरा से पूर्व सांसद पप्पू यादव का। कोरोना के दूसरे लहर में जाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव लगातार अस्पतालों में जाकर सरकार की कुव्यवस्था की पोल खोलते रहे हैं। अब श्मशान घाट पहुंचकर लाश भी गिनने लगे हैं। शुक्रवार को पप्पू यादव पटना में गंगा नदी किनारे बांस घाट पहुंचे। उन्होंने खुद से 42 लाश गिना जो अंतिम संस्कार के लिए तैयार किए जा रहे थे। पप्पू ने खुद अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर इसकी गिनती करवाई। बताया कि 42 शव हैं जो अंतिम संस्कार के लिए तैयार हैं।

सुबह-सुबह बांस घाट के विद्युत शवदाह गृह पहुंचे पप्पू

शनिवार को भी पप्पू यादव सुबह-सुबह बांस घाट के विद्युत शवदाह गृह पहुंच गए। लगे लाशों की गिनती करने। पप्पू के मुताबिक इस शवदाह गृह में 64 शव रखे गए हैं, जिनका अंतिम संस्कार विद्युत वाले शवदाह गृह में होना है। उन्होंने विद्युत कर्मियों से कहा, ‘जल्दी-जल्दी शवों का अंतिम संस्कार करें। अब लाशों से दुर्गंध आने लगी है। यहां की व्यवस्था नाकाफी है। मैं कल भी घाट पर गया था जहां 42 शव रखे हुए थे, यहां 64 हैं। ये एक घाट पर है। दूसरे घाट पर इसी तरह से लाशों को लाइन में लगाकर लोग अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं। प्रतिदिन एक घाट पर 150 से ज्यादा लाशें आ रही है।’ पप्पू यादव गुस्से आकर यह भी कहते हैं कि इन श्मशानों में लाकर नेताओं को जला देना चाहिए।

अस्पताल दर अस्पताल लोगों की खैरियत ले रहे

पूर्व सांसद पप्पू यादव इन दिनों पटना में रहकर प्रतिदिन अस्पताल और श्मशान का दौरा कर रहे हैं। अस्पताल दर अस्पताल जाकर लोगों की खैरियत भी ले रहे हैं और उनकी मदद भी कर रहे हैं। आर्थिक मदद से लेकर रेमडेसिवीर इंजेक्शन तक मुहैया करा रहे हैं। इस दौरान वो सरकार की नाकामियों की पोल भी खोल रहे हैं।