सरकारी स्‍कूलों के बच्‍चों के लिए अच्छी खबर, पहली से बारहवीं के छात्र-छात्राओं को लैपटॉप व टैबलेट देने की तैयारी

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कोरोना संक्रमण के कारण बेपटरी हुई सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर यह अच्छी खबर है। पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल डिवाइस मुहैया कराने की मांग बिहार सरकार ने केंद्र सरकार से की थी। वही केंद्र सरकार ने भी डिजिटल डिवाइस बिहार सरकार को उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की अध्यक्षता में वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई महत्वपूर्ण बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बिहार की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र से डिजिटल डिवाइस उपलब्ध होने से बच्चों में बढ़ता हुआ डिजिटल डिवाइड कम हो सकेगा।

सरकारी विद्यालयों में अध्ययरत बच्चों को इसकी कमी खलती है। चालू वित्तीय वर्ष में होने वाली प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की बैठक में राज्य सरकार की ओर से डिजिटल डिवाइस का प्रस्ताव रखा जाएगा। शैक्षणिक प्रबंधन, डिजिटल शिक्षा तथा नई शिक्षा नीति पर भी चर्चा हुई।

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अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने बताया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के समक्ष चालू सत्र में मार्च में बड़े पैमाने पर चलाए गए नामांकन अभियान के बारे में जानकारी दी गई। पहली, छठी तथा नौवीं कक्षा के अतिरिक्त अन्य सभी कक्षाओं में लगभग 36 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया था।

गत शैक्षणिक सत्र में सुचारू रूप से विद्यालय नहीं चलने के कारण बच्चों में के लिए अप्रैल से तीन माह के कैच-अप कोर्स की संपूर्ण तैयारी पूर्ण कर ली गई है, लेकिन विद्यालय बंद होने के कारण इसे प्रारंभ नहीं किया जा सका है।

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फिलहाल कक्षाएं दूरदर्शन बिहार तथा ONLINE एप-ई-लोट्स के माध्यम से जारी है, लेकिन बड़ी संख्या में बच्चे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं एवं इसका मुख्य कारण सरकारी स्कूलों के बच्चों के पास डेडिकेटेड इलेक्ट्रानिक डिवाइस का नहीं होना है। केंद्र सरकार ने भी डिजिटल डिवाइस बिहार सरकार को उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

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