समस्तीपुर कोरोना के कारण अपने भी हुए पराए, किसी तरह हुआ अंतिम संस्कार

कोरोना संक्रमण का खौफ कुछ इस कदर है कि कि अपने भी पराए हो जा रहे। वाकया समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के एक गांव का है, यहां ज्योंही एंबुलेंस से एक शव को गांव लाया गया कि लोग अपने-अपने घरों में दुबक गए। कोई शव के समीप जाने को तैयार नहीं। मामला जब संज्ञान में आया तो स्थानीय मुखिया, सरपंच और बुद्धिजीवियों की पहल शुरू हुई। एक ट्रक पर शव को लादा गया। अंतिम संस्कार करने हेतु दूसरे ट्रक में परिवार वालों के अलावा गांव के महज पांच लोग बड़ी मशक्कत के बाद मास्क और सैनिटाइजर लेकर साथ गए, जबकि मृतक की कोरोना जांच भी नहीं हुई थी। लोगों में सिर्फ करोना संक्रमण से मौत का संदेह मात्र था।

विभूतिपुर प्रखंड क्षेत्र के एक गांव में यहां ज्योंही एंबुलेंस से एक शव को गांव लाया गया कि लोग अपने-अपने घर में दुबक गए। कोई शव के समीप जाने को तैयार नहीं। जबकि, मृतक का कोरोना जांच भी नहीं हुआ था। लोगों में सिर्फ करोना संक्रमण से मौत का संदेह मात्र था। अफवाह या संदेह उस टोले के लिए इतना भयावह रूप ले लिया कि लाश से लिपटकर परिवार के लोगों को रोने भी नहीं दिया गया। सभी मृतक के सिमटम के अनुसार बिना जांच के ही उसे कोरोना से ही हुई मौत मानकर अपने आप को लाश से अलग कर लिया। …और तो और यहां तक कि अंतिम दर्शन को भी लोग लालायित रहे। वाह ! रे करोना का खौफ। तूं इतिहास के पन्नों में दर्ज होने की हैसियत रखता है। जो जीवन भर एक दूसरे के सुख दुख में साथ रहा और कोरोना के भय से उनका अंत कितना दुखद बना दिया। समीप रहने वालों को भी दूर कर दिया। आखिर, मृतक का अंतिम संस्कार तो करना ही था। मोहल्ले की यह बात जब संपूर्ण पंचायत में फैली तो मुखिया, सरपंच समेत कई गणमान्य जूटे और परिवार के लोगों को समझाकर मास्क आदि पहनवा कर लाश को एक ट्रक पर रखवाया।

इसी पर मृतक के परिवार के लोग भी बैठे। इसके बाद एक दूसरी गाड़ी पर समाज के मात्र 5 लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने गए। किसी तरह मृतक को जैसे तैसे अंतिम संस्कार किया गया। यह कोरोना का खौफ है, जिसने अच्छे-अच्छे को भी मजबूर कर रखा है। बताया जाता है कि महमदपुर सकड़ा वार्ड 7 निवासी जनक सहनी का इलाज दलसिंह सराय के एक निजी क्लिनिक में करीब एक सप्ताह पूर्व से चलाया जा रहा था। पंचायत के पूर्व मुखिया मनोज कुमार यादव, स्थानीय ग्रामीण सुरेश यादव आदि ने बताया कि परिवार के सभी लोगों को कोरोना जांच करवाया जाएगा। इसकी मांंग प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. फुलेश्वर प्रसाद सिंह से की गई है। मोहल्ले को भी सैनिटाइज किया जाएगा। तभी गांव वालों का भय समाप्त हो सकेगा। इधर, पूछे जाने पर रोसड़ा एसडीओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं दी जा रही है। मरीजों को यहां भर्ती नहीं करवा किसी निजी क्लिनिक में बिना जांच के इलाज करवाना संदेहास्पद है। मेडिकल टीम को सूचना देकर मृतक का कोविड-19 जांच करवा कर संतुष्ट हो लेना चाहिए था।

इनपुट-जागरण