राजस्थान से बिहार के नालंदा आकर भरपूर कमायी कर रहे ये मूर्तिकार, अपने परिजनों को भी दे रखा है रोजगार

भले ही बिहार से रोजगार के लिए मजदूरों के पलायन की खबरें आती रही हो, मगर नालंदा में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिल रहा है. जहां राजस्थान से आये परिवार मूर्तियां बनाकर न केवल अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं, बल्कि कोरोना काल में अपने परिवारों को बुलवाकर यहां रोजगार देने का काम कर रहे हैं.

दरअसल यह लोग मूर्तिकार जाति से आते हैं उनका कहना है कि राजस्थान में उतना रोजगार नहीं है जितना कि नालंदा में उन्हें मिल रहा है. मूर्तिकार कालू राम का कहना है की राजस्थान में उतना रोजगार नहीं है जितना बिहार में है, यही कारण है की वे पिछले आठ नौ वर्षो से सरकारी स्कूल परिसर में तम्बू लगा कर काम कर रहे हैं.

उन्होंने बताया की कोरोना काल में परिवार के अन्य सदस्यों को भी बुलाकर काम दिया है. इनके परिवार में 17,18 लोग है. महिला पुरुष देवी देवताओं समेत अन्य प्रकार के प्लास्टर ऑफ़ पेरिस से कलात्मक मूर्तियां बनाने का काम करते हैं.