बेटे के साथ मां की सजेगी चिता, किशनगंज के शहीद दारोगा की मां यह खबर सुन चल बसीं

किशनगंज टाउन थाना के SHO अश्विनी कुमार की मां भी इस दुनिया में नहीं रहीं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही उनकी भी सांसें थम गईं। हार्ट की पेशेंट होने की वजह से शनिवार को मॉब लिंचिंग में बेटे की शहादत के बारे में मां को परिवार के लोगों ने जानकारी नहीं दी थी। शनिवार की शाम 3.45 में मायके से घर पहुंची थी। इसके बाद उन्हें लाडले की मौत की जानकारी हुई। यह सुनते ही वह बेहोश हो गईं। चेहरे पर बार-बार पानी देने के बाद होश में आईं। इसके बाद शहीद SHO अश्विनी कुमार की मां एक ही बात बोलती रहीं कि आब केना रहबे हो बाबू। रविवार की सुबह छह बजे उनकी मौत हो गई।

मां और बेटे की चिता एक साथ सजेगी। पूर्णिया स्थित उनके घर पर दोनों की अर्थी एक साथ बनाई गई है। यह देख हर किसी की आंखें नम हो जा रही है। परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव में मातम का माहौल है। शहीद SHO अश्विनी कुमार के छोटे भाई प्रवीण कुमार ने बताया कि भैया की मौत का सदमा मां बर्दाश्त नहीं कर सकीं। उन्होंने बताया कि मां पिछले 14-15 साल से हार्ट की पेशेंट थी। पिछले साल पिता जी की भी मौत हो गई थी। इस सदमे से किसी तरह निकली थीं। लेकिन, बेटे की मौत ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया और 24 घंटे के भीतर ही उनकी मौत हो गई।