3 जानें बचाने के लिए जान पर खेले डॉक्टर:पटना में कोरोना पॉजिटिव महिला को हुआ जुड़वा बच्चा; टेस्ट के लिए नमूना भेजा

कोरोना काल में प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला के साथ उसके पेट में पल रहे जुड़वा बच्चों की जान बचाने के लिए डॉक्टराें ने अपनी जान दांव पर लगा दी। ऑपरेशन थिएटर में डिस्पोजल सामानों की व्यवस्था कराई गई और कोविड पेशेंट के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया फिर महिला डॉक्टर समेत 7 मेडिकल स्टाफ ने मिलकर ऑपरेशन किया। ऑपरेशन करने वाली टीम ने सर्जरी के बाद अपना कोविड जांच कराया है सभी निगेटिव आए हैं। समय से पहले पैदा होने वाले दोनों बच्चों को ऑक्सीजन के सपोर्ट पर रखा गया है और उनका नमूना भी जांच के लिए भेजा गया है।

घर से कहीं नहीं गई लेकिन जांच आई पॉजिटिव

गोपालगंज की रहने वाली 38 साल की रीना राय पंकज राय की पत्नी हैं। वह हाउस वाइफ है जबकि पति पंकज अध्यापक हैं। रीना की दवा पटना के उदयन हॉस्पिटल में चल रही थी। फरवरी माह से ही डॉ. गीतिका सिन्हा की देखरेख में रीना का इलाज चल रहा था। 4 दिन पहले रीना इलाज के लिए पटना उदयन हॉस्पिटल आई थी। इस दौरान जांच में वह कोरोना पॉजिटिव हो गईं। इसके बाद डॉक्टरों ने दवा देकर होम क्वारंटाइन की सलाह दी। रीना घर चली गई और होम क्वारंटाइन हो गईं। घर में किसी को भी कोरोना का न तो लक्षण है और न ही कोई पॉजिटिव है। रीना कहां से पॉजिटिव हो गईं, यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है।

प्रसव पीड़ा के बाद रीना की बढ़ गई मुश्किल

8 अप्रैल को रीना को प्रसव पीड़ा हुई। हालात काफी खराब होने लगी तो आनन फानन में घर वाले लेकर उन्हें पटना आए। परिजन रीना को लेकर पहले पटना मेडिकल कॉलेज गए वहां इमरजेंसी में उन्हें भर्ती कराया गया और जब कोरोना की जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पॉजिटिव रिपोर्ट आते ही हंड़कंप मच गया। बच्चों की हालत बिगड़ रही थी, डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे जुड़वा हैं लेकिन एक की धड़कन नहीं मिल रही है। ऑपरेशन के लिए डॉक्टर देरी कर रहे थे ऐसे में मरीज के परिजन घबरा गए। मां और बच्चों की जान खतरे में थी।

तीन जान बचाने के लिए तैयार हो गए डॉक्टर

PMCH में महिला की हालत बिगड़ रही थी और ऑपरेशन में देरी हो रही थी। ऐसे में परिजनों ने उदयन हॉस्पिटल की डॉ. गीतिका सिन्हा से संपर्क किया और मां के साथ बच्चों की जान बचाने की गुहार लगाई। महिला की पीड़ा देख डॉ गीतिका ने जान जोखिम में डालकर ऑपरेशन की तैयारी की। प्रसव से कराह रही रीना के रिश्तेदार अमरजीत ने बताया कि शुक्रवार की शाम काे पटना मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कराकर रीना को उदयन हॉस्पिटल लाया गया जहां ऑपरेशन के बाद रीना ने दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इसमें एक बेटा और बेटी है।

ऑपरेशन में था बड़ा खतरा

उदयन हॉस्पिटल के नीरज ने बताया कि कोरोना संक्रमित का ऑपरेशन काफी रिस्की होता है। डॉक्टर ऐसे मरीजों का ऑपरेशन टाल देते हैं। रीना का ऑपरेशन भी नहीं किया जाना था लेकिन जब बात 3 जान की आई तो डॉक्टरों ने बड़ा जोखिम लिया। ऑपरेशन करने वाली टीम को लीड कर रही डॉ. गीतिका का कहना है कि ऑपरेशन के लिए विशेष रूप से ओटी को तैयार किया गया था। इसमें ऐसे सामानों का प्रयोग किया गया जो डिस्पोजेबल हों। इस ऑपरेशन में इस्तेमाल अधिक से अधिक सामानों को हटा दिया गया है। हॉस्पिटल के नीरज का कहना है कि ऑपरेशन के बाद ओटी को फिर से तीन बार सैनिटाइज किया गया है। मां के साथ दोनों बच्चों की जान बचाई गई है। दोनों बच्चों के साथ अब मां भी पूरी तरह से स्वस्थ है। मां को कोरोना वार्ड में रखा गया है जबकि बच्चों को ऑक्सीजन में रखा गया है।