बिहार के लिए गर्व की बात गाँधी सेतु का जीर्णोद्धार को माना गया सर्वश्रेष्ठ निर्माण, मिला विश्वकर्मा पुरस्कार

बिहार का लाइफलाइन कहे जाने वाले गाँधी सेतु सालो से जर्जर पारा था और अब इसपर काम किया जा रहा है और इसकी हालत बेहतर करने के लिए इस गाँधी सेतु का जीर्णोद्धार किया जा रहा है आपको बता दू की इसका जीर्णोद्धार करीब करीब 1742 करोड़ रुपए की लगत से इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा है वही अब इसका पूर्वी लाइन का निर्माण कर लिया गया है और इसपर फर्राटा गरिया दौड़ रही है लेकिन इसका काम एक और लेन का अभी फिलहाल काफी तेज़ी से किया जा रहा है और अगले साल तक इसका दोनों लेन आम जनता के लिए खोला जाएगा।

वही दूसरी तरफ इसका निर्माण एक बड़ी चैलेंज की तरह था और देश भर के इंजीनियरों ने इसे कर के दिखाया है और अब इस निर्माण को देश का सबसे बेहतरीन निर्माण से जुड़ी पुरस्कार विश्वकर्मा पुरस्कार दिया गया है इसकी जानकरी खुद देते हुए पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि सीआईडीसी विश्वकर्मा पुरस्कार की निर्माण श्रेणी में महात्मा गांधी सेतु के जीर्णोद्धार कार्य को निर्माण परियोजना में सर्वश्रेष्ठ आंका गया है।

गांधी सेतु के जीर्णोद्धार कार्य पर मिला विश्वकर्मा पुरस्कार: पथ निर्माण विभाग#BiharRoadConstructionDept pic.twitter.com/JWBpOdLgxN— RoadConst Dept Bihar (@RCD_Bihar) March 8, 2021

देश के सभी निर्माण परियोजना में इसे बेहतर बताते हुए विश्वकर्मा पुरस्कार दिया गया है। चूंकि महात्मा गांधी सेतु देश में पहली परियोजना थी जिसका फाउंडेशन व पिलर का उपयोग कर नया पुल का निर्माण किया गया। स्ट्रक्चर व सब-स्ट्रक्चर को ध्वस्त कर नए संरचना का निर्माण होने को अनूठा बताते हुए गांधी सेतु परियोजना को बेहतर माना गया। आपको बता दू की इससे पहले भी राजधानी पटना में बने ज्ञान भवन को भी देश की सबसे बेहतरीन निर्माण के लिए विश्वकर्मा पुरस्कार दिया गया था।